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'आडवाणी के पद छोड़ने का सवाल नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी ने ज़ोर देकर कहा है कि पार्टी अध्यक्ष और विपक्ष के नेता पद से लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफ़ा देने का सवाल ही पैदा नहीं होता. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के घर पर हुई एक आपातकालीन बैठक के बाद यह घोषणा की गई, इस बैठक वाजपेयी और आडवाणी के अलावा पार्टी के कुछ अन्य नेता मौजूद थे. पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के अध्यक्ष बने रहेंगे और चेन्नई में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे. विवाद का नया दौर तब शुरू हुआ जब पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने लालकृष्ण आडवाणी को अलग-अलग पत्र लिखकर उनसे कहा कि वे विचारधारा के मामले में स्थिति स्पष्ट करें. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना, संघ से जुडे नेता और सांसद प्यारेलाल खंडेलवाल और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष जना कृष्णमूर्ति ने अपने पत्रों में लगभग एक से मुद्दों को उठाया है. इन नेताओं ने लिखा है कि विचारधारा के मुद्दे पर नज़रिया स्पष्ट किया जाना चाहिए. भाजपा नेता प्यारेलाल खंडेलवाल ने 'एक व्यक्ति एक पद' के सिद्धांत पर सवाल उठाया है. माना जा रहा है कि इसका निशाना आडवाणी हैं क्योंकि वो पार्टी अध्यक्ष और विपक्ष के नेता भी हैं. ग़ौरतलब है कि भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 21 जुलाई से चेन्नई में होने जा रही है. भाजपा नेता प्यारेलाल खंडेलवाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि वो पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में कुछ मुद्दे शामिल कराना चाहते हैं और इसके लिए वो पार्टी अध्यक्ष से अनुमति लेना चाहते हैं. उनका कहना था कि वो पार्टी की सैद्धांतिक प्रतिबद्धता, जिन्ना को लेकर उठे विवाद और एक व्यक्ति एक पद पर पार्टी का नज़रिया जानना चाहते है. मदनलाल खुराना ने बीबीसी से बातचीत में पत्र का मसौदा बताने से इनकार कर दिया लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने एक पत्र पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिखा है. समाचार एजेंसी यूएनआई के अनुसार मदनलाल खुराना ने पार्टी अध्यक्ष आडवाणी से सीधे-सीधे इस्तीफ़ा मांगा है. इधर पीटीआई के अनुसार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जना कृष्णमूर्ति ने भी पार्टी अध्यक्ष से वैचारिक मुद्दों पर सफ़ाई माँगी है. पीटीआई से बातचीत में पार्टी के एक अन्य पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण ने भी विचारधारा को लेकर सवाल उठाए हैं. संघ का रुख़ हालांकि इसके पहले ऐसी ख़बरें आईं थीं कि संघ ने आडवाणी को भाजपा अध्यक्ष का पद छोड़ने के लिए कहा था. लेकिन भाजपा ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लालकृष्ण आडवाणी से पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने को नहीं कहा. भाजपा प्रवक्ता सुषमा स्वराज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि संघ नेताओं की लालकृष्ण आडवाणी के साथ बैठक में एक बार भी आडवाणी के इस्तीफ़े की बात नहीं उठी. लेकिन ख़बरों के अनुसार इससे संघ और नाराज़ हो गया है. उल्लेखनीय है कि भाजपा अध्यक्ष आडवाणी ने अपने पाकिस्तान दौरे के दौरान मोहम्मद अली जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष कह दिया था और इसे लेकर संघ परिवार में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. इस विवाद के कारण लालकृष्ण आडवाणी को इस्तीफ़ा देना पड़ा था हालांकि उन्होंने अपना इस्तीफ़ा बाद में वापस ले लिया था. |
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