| भाजपा नेता फर्नांडिस पर ही बरसे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बारे में विपक्षी गठबंधन एनडीए के संयोजक जॉर्ज फर्नांडिस की टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति प्रकट की है. भाजपा ने कहा है कि "आरएसएस उनकी प्रेरणा का स्रोत है और आदर्श है." मंगलवार को जनता दल यूनाइटेड के नेता जॉर्ज फर्नांडिस ने कहा था कि आरएसएस को राजनीति में दख़ल देने के बदले सामाजिक-सांस्कृतिक कार्य करना चाहिए, इस पर भाजपा की प्रवक्ता सुषमा स्वराज ने कहा, "हम उनके बयान से दुखी हैं, हम उनसे असहमत हैं, एनडीए पार्टियों का गठबंधन है जिनकी अपनी अलग पहचान है." सुषमा स्वराज ने कहा, "पार्टी आरएसएस के आदर्शों से प्रेरित है और उसके प्रति पूरी तरह समर्पित है, वे (फर्नांडिस) अपनी सीमाओं से बाहर चले गए थे, उन्हें पार्टी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए." समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि पार्टी के उपाध्यक्ष वेंकैया नायडू ने भी जॉर्ज फ़र्नांडिस से मिलकर उनकी टिप्पणियों पर अपना एतराज़ ज़ाहिर किया है. नायडू ने कहा, "भाजपा का आरएसएस और एनडीए से एक अनूठा रिश्ता है जिसके बारे में सब जानते हैं, यह रिश्ता ऐसे ही चलता रहेगा. हम आरएसएस की प्रेरणा से ही राजनीति करने आए हैं." पार्टी की एक अन्य नेता उमा भारती ने जॉर्ज फर्नांडिस के बयान पर आपत्ति की और कहा कि "भाजपा का अस्तित्व ही संघ की वजह से है. जिस दिन यह रिश्ता टूट गया उस दिन भाजपा फुटपाथ पर आ जाएगी, कहीं की नहीं रहेगी." इन बयानों को नाराज़ आरएसएस को मनाने की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है. संघ आरएसएस के एक वरिष्ठ नेता ने पत्रकारों से कहा कि "हम सत्ता पाने के लिए अपने सिद्धांतों से डिगने वाले नहीं हैं." यह सारा विवाद भाजपा के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी की पाकिस्तान यात्रा से शुरू हुआ है जब उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना को एक सेक्युलर नेता बताया था. इसके बाद माँग तेज़ हो गई थी कि आडवाणी पद से इस्तीफ़ा दे दें, उन्होंने इस्तीफ़ा दे भी दिया था लेकिन बाद वे पद पर बने रहने को तैयार हो गए. आरएसएस के नेताओं का कहना है कि भाजपा संघ के बुनियादी सिद्धांतों से भटक रही है और यहाँ तक कहा गया कि लालकृष्ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी को नई पीढ़ी के लिए रास्ता छोड़ देना चाहिए. आरएसएस का कहना है कि वह भाजपा की गतिविधियों पर नज़र रख रही है और उसके बाद ही अपना अगला क़दम उठाएगी. भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक चेन्नई में अगले हफ़्ते होने वाली है जिसमें संघ से रिश्तों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है. |
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