|
माओवादियों से मुठभेड़ में 20 मरे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुलिस का कहना है कि बिहार में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में 20 लोग मारे गए हैं. इसमें 16 माओवादी, दो पुलिस के जवान और दो आम व्यक्ति शामिल हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एके भारद्वाज ने बीबीसी को बताया कि पूर्वी चंपारण ज़िले के मधुबन इलाक़े में लगभग सौ माओवादियों ने गुरुवार को एक पुलिस थाने और दो बैंको पर हमला किया. माओवादियों ने एक बैंक को लूट लिया. इसके अलावा उन्होंने ब्लाक कार्यालय पर हमला किया और वहाँ तैनात होमगार्ड्स की रायफ़लें लूट लीं. इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के शिवहर क्षेत्र से सांसद सीताराम सिंह के घर पर हमला किया और वहाँ तैनात सुरक्षागार्ड को घायल कर दिया. हमलों की सूचना के बाद पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस ने माओवादियों की घेराबंदी की और यह मुठभेड़ शुक्रवार सुबह तक चली. पुलिस के कहना है कि इस मुठभेड़ में कई माओवादी मारे गए. उसे संदेह है कि इन हमलों के पीछे माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (एमसीसी) का हाथ है. बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर का कहना है कि अभी तक माओवादियों की गतिविधियाँ मध्य बिहार तक सीमित थीं. लेकिन पहली बार उन्होंने उत्तर बिहार में इतना बड़ा हमला किया है. यह इलाक़ा नेपाल की सीमा से लगा हुआ है और संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि इस अभियान में नेपाल के माओवादियों का भी हाथ हो सकता है. भारत सरकार माओवादियों की गतिविधियों को लेकर चिंतित है. हाल में नक्लसी हिंसा की समस्या से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में 13 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी. इस बैठक में आंध्र प्रदेश के अलावा तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, उड़ीसा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल और महाराष्ट्र के अधिकारियों ने हिस्सा लिया था. इस बैठक में एक संयुक्त रणनीति तैयार करने और जानकारियों के आदान-प्रदान पर चर्चा हुई थी. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||