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लालू की सौगात, 'सहरसा टू पटना' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में सहरसा-मानसी के बीच ब्रॉड गेज रेल लाईन के उदघाटन के साथ ही राज्य के पूर्वांचल इलाक़े की जनता की बहुत पुरानी माँग पूरी हो गई है. रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने रेल लाईन का उदघाटन करते समय इसे अपनी उपलब्धि बताया और आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कई घोषणाएँ भी की. ग़ौरतलब है कि उत्तर बिहार के सहरसा, सुपौल और मधेपुरा क्षेत्रों में हर साल बाढ़ की तबाही के बाद रेलवे पथ ही परिवहन का एकमात्र विकल्प बचता है. ऐसे में रेलवे की इस बड़ी लाइन को इस क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है. कोसी नदी के क्षेत्र में फैले इस 43 किलोमीटर के रेलवे पथ की क्षेत्रवासियों को लंबे समय से प्रतीक्षा थी. हर साल बाढ़ से प्रभावित होने वाले इस इलाक़े में ब्रॉडगेज रेल लाईन को एक बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है. मात्र 43 किलोमीटर की दूरी में ही पूर्व-मध्य रेलवे को छोटे-बड़े 25 पुलों का पुनर्निर्माण करना पड़ा है. यही वजह है कि पूर्व-मध्य रेलवे अपनी इस उपलब्धि का बड़े प्रचार-प्रसार के साथ शुरू कर रही है. पटरी पर वोट इस रेलवे पथ का उदघाटन करने पहुँचे केंद्रीय रेलमंत्री लालू प्रसाद के लिए तो यह अवसर राजनीतिक रूप से भी काफ़ी महत्वपूर्ण है और इसी कारण वो इसके लिए तैयार भी दिखे. अपार जनसमुदाय की उपस्थिति में शुरू हुई सभा में लालू ने इसे अपनी उपलब्धि तो बताया ही, साथ ही इन जगहों के बीच नई रेलों की घोषणा भी की. ग़ौरतलब है कि इसी वर्ष के अंत में बिहार में संभावित विधानसभा चुनावों की दृष्टि से इस रेलवे पथ का चालू होना लालू प्रसाद की पार्टी के लिए ख़ासा महत्वपूर्ण और निर्णायक साबित हो सकता है. इस रेल पथ का उदघाटन करते हुए लालू प्रसाद अपने चिर-परिचित अंदाज़ में नज़र आए. लालू ने लोगों से कहा, "इस रास्ते पर सहरसा को पटना से जोड़ने के लिए सहरसा-पटना एक्सप्रेस चलाई जाएगी. हर सुबह सहरसा के लिए ट्रेन चलाई जाएगी और शाम को आप लोग उसी से घर लौट सकेंगे." लालू प्रसाद का यह अंदाज़ उस समय और परवान चढ़ा, जब सहरसा जाते समय बिजली और पानी की किल्लत झेल रहे लोगों ने उनके रास्ते में प्रदर्शन किया. इसपर लालू प्रसाद ने जगह-जगह अपनी विशेष रेलगाड़ी रुकवाई और लोगों की शिकायतें सुनीं. इस नई ब्रॉड लाइन को इस क्षेत्र के आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है. परियोजना पर करीब 112 करोड़ रूपए का खर्च आया है. |
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