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नए प्रस्ताव पर उधेड़बुन का दौर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी में लालकृष्ण आडवाणी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने से उपजे नेतृत्व संकट पर विचार के लिए आज भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक होनी है. ये बैठक गुरूवार को होनी थी जिसे अगले दिन स्थगित कर दिया गया. गुरुवार को पार्टी नेताओं की मुलाक़ातों का दौर दिन भर चला. ऐसा माना जा रहा है कि आडवाणी के इस्तीफ़ा से उत्पन्न संकट का रास्ता निकाला जा रहा है. लेकिन ऐसी ख़बरें हैं कि वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह के तेल अवीव से दिल्ली पहुँचने में शायद देरी हो सकती है. इससे बैठक कुछ समय के लिए फिर टल सकती है. जसवंत सिंह फैंकफर्ट होकर दिल्ली पहुँच रहे हैं. पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा था कि यह बैठक जसवंत सिंह के न आ पाने के कारण टाल दी गई है. ऐसी ख़बरें हैं कि आडवाणी इस्तीफ़ा वापस लेने के लिए तैयार नहीं हैं. दावेदार माना जा रहा है कि ऐसे में पार्टी नेता अंतरिम अध्यक्ष का चुनाव कर सकती है. इसमें सबसे आगे पार्टी के पूर्व अध्यक्ष वैंकया नायडू हैं. हालांकि पार्टी के अध्यक्ष पद के दावेदारों में मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज, जसवंत सिंह, राजनाथ सिंह से लेकर अरुण जेटली और प्रमोद महाजन माने जा रहे हैं. पार्टी एक प्रस्ताव पर भी काम कर रही है. इसमें आडवाणी के पाकिस्तान में मंदिरों के जीर्णोद्धार के काम को विशेष रूप से उल्लेख किया जाएगा. लेकिन जिन्ना को लेकर स्थित फंसी हुई है. पार्टी के नेता मुरलीमनोहर जोशी ने बीबीसी से बातचीत में स्पष्ट कर दिया है कि विचारधारा पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और जिन्ना को कतई धर्मनिरपेक्ष नहीं कहा जा सकता है. ऐसे संकेत हैं कि पार्टी जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष तो क़रार नहीं देगी लेकिन आडवाणी की बात को सही संदर्भों में देखने को कहेगी. बुधवार को भाजपा संसदीय बोर्ड ने एक प्रस्ताव पारित करके आडवाणी का इस्तीफ़ा नामंज़ूर कर दिया था और उनसे अनुरोध किया था कि वे अपने इस्तीफ़े पर पुनर्विचार करें. उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में मोहम्मद अली जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष बताने वाले आडवाणी के बयान पर आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने नाराज़गी ज़ाहिर की थी और भाजपा का एक धड़ा भी आडवाणी से नाराज़ है. |
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