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आडवाणी ने जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष बताया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने पाकिस्तान के संस्थापक नेता क़ायदे आज़म मोहम्मद अली जिन्ना को श्रद्धांजलि दी. लालकृष्ण आडवाणी एक सप्ताह के पाकिस्तान के व्यापक दौरे के दौरान शनिवार को जिन्ना के मज़ार पर गए और उन्होंने क़ायदे आज़म को धर्मनिरपेक्ष बताया. एक अलग शख़्सियत क़रार देते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि जिन्ना ने इतिहास बनाया था. लालकृष्ण आडवाणी का यह कराची में पहला आधिकारिक कार्यक्रम था और वह पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाक़त अली ख़ान के मज़ार पर भी गए. आडवाणी की यात्रा के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए. उधर आडवाणी की पाकिस्तान यात्रा और वहाँ उनके कार्यक्रमों के बारे में विश्व हिंदू परिषद नेताओं ने नाराज़गी जताई है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रवक्ता राम माधव ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि आडवाणी की यात्रा की समाप्ति के बाद उनसे बातचीत की जाएगी. लालकृष्ण आडवाणी ने शुक्रवार को उन स्कूलों का भी दौरा किया जहाँ उन्होंने प्राथमिक शिक्षा पाई थी. आडवाणी शुक्रवार को लाहौर से कराची पहुँचे थे. सिंध प्रांत में तीन दिन का कार्यक्रम हैं. सिंध में ही आडवाणी का बचपन बीता था. लालकृष्ण आडवाणी ने शुक्रवार को कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया की फ़िज़ा बदल चुकी है और शांति की कोशिशें अब दोनों देशों के लोगों के स्तर पर पहुँच गई हैं. |
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