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मस्जिद पर हमले के बाद हिंसा, 11 मौतें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के कराची महानगर में सोमवार को एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले के बाद नाराज़ लोगों ने तोड़फ़ोड़ की और एक 'फ़ास्टफ़ूड' रेस्तराँ में आग लगा दी. बचाव कार्यों में लगे कर्मियों का कहना है कि अब तक रेस्तराँ से छह लोगों की लाशें निकाली जा चुकी हैं. फ़ायर ब्रिगेड के प्रमुख काज़िम अली का कहना है कि मारे गए लोग आग में फँस गए थे. इससे पहले एक शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम पाँच लोगों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हो गए थे. हाल के वर्षों में कराची में जातीय हिंसा की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है. नाराज़गी और तनाव मस्जिद पर हमले की ख़बर मिलते ही नाराज़ लोगों ने अमरीकी 'फ़ास्टफ़ूड' की दूकान केंटुकी फ़्राइड चिकन (केएफ़सी) को आग लगा दी. नाराज़ लोगों ने दो पेट्रोल स्टेशनों और कई कारों पर हमला किया है. काज़िम अली का कहना है कि लोगों ने फ़ायर ब्रिगेड को बहुत समय तक घटनास्थल पर जाने से भी रोके रखा. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब केएफ़सी में आग लगाई गई तब वहाँ कोई बीस लोग थे लेकिन कई लोग छत के रास्ते कूदकर भागने में सफल रहे. मारे लोगों में से ज़्यादातर रेस्तराँ के कर्मचारी हैं. चार लोगों की मौत तो जलने से हुई जबकि दो की मौत कोल्ड स्टोरेज में छिपने के कारण हुई. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि शिया नौजवानों की नाराज़ भीड़ अब भी शहर में दिखाई दे रही है और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की माँग की है. मस्जिद पर हमला पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यह एक आत्मघाती हमला था जिसमें हमलावर भी मारा गया.
बम धमाके के बाद मस्जिद में गोलीबारी शुरू हो गई जिसमें आत्मघाती हमलावर के दो साथी और पुलिसकर्मी की मौत हो गई. कराची के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि भीड़ भरी मस्जिद में धमाका होने के बाद यह एक चमत्कार ही है कि सिर्फ़ चार लोगों की मौत हुई. मस्जिद के प्रवक्ता शहज़ाद रिज़वी ने बीबीसी को बताया, "तीन लोग मस्जिद में आए जिनमें से दो लोगों ने हवा में गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं, एक व्यक्ति भागकर वहाँ चला गया जहाँ नमाज़ पढ़ने के लिए लोग जुटे थे, उसने फ़ौरन एक ज़ोरदार धमाका कर दिया." इसके बाद दो अन्य हमलावरों ने गोलियाँ चलानी शुर कर दीं, मस्जिद के गार्डों और पुलिस के साथ एक मुठभेड़ शुरू हो गई, पुलिस का कहना है कि दो बंदूकधारी हमलावर इसी मुठभेड़ में मारे गए. कराची के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आतिफ़ एज़ाज़ ने बताया कि मारे गए दोनों लोगों के शरीर पर भी विस्फोटक बँधे थे लेकिन वे धमाका नहीं कर सके. कराची के व्यस्त मध्यवर्गीय इलाक़े गुलशन में स्थित मस्जिद मदीनातुल इल्म में बड़ी संख्या में लोग जमा थे. तीन दिन पहले ही इस्लामाबाद में आत्मघाती बम हमले में 20 लोग मारे गए और लगभग 100 लोग घायल हो गए थे. कराची के गृह मंत्री रफ़ीक सिद्दीक़ी का कहना है कि दोनों धमाकों में कोई संबंध है या नहीं, इसकी जाँच भी की जाएगी. |
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