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पाकिस्तान ने उपकरण विएना भेजा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान ने एक ऐसा परमाणु उपकरण सौंपा है जिससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम की जाँच में मदद मिल सकेगी. वियना स्थित यह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है या नहीं? और यह भी कि ईरानी उपकरण पर यूरेनियम के जो कुछ अंश मिले हैं वह ईरान में बना या पाकिस्तान में. एजेंसी के प्रवक्ता मार्क ग्वोज़्देकी ने वियना से टेलीफ़ोन पर बीबीसी को बताया कि विशेषज्ञों ने उपकरण का परीक्षण और विश्लेषण शुरू कर दिया है. हालाँकि प्रवक्ता ने यह भी कहा कि यह जाँच पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के ख़िलाफ़ नहीं है, यह सिर्फ़ यह साबित करने के लिए है कि ईरान के पास यूरेनियम संवर्धन का सक्रिय कार्यक्रम है या नहीं. एजेंसी ने ईरान के एक परमाणु संयंत्र से यूरेनियम के कुछ अंश इकट्ठा किए थे और यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि क्या वे अंश उस तकनीक का तो हिस्सा नहीं थे जो पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के पूर्व मुखिया अब्दुल क़दीर ख़ान ने ईरान को दी थी. ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के पूर्व मुखिया डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने 2004 में स्वीकार किया था कि उन्होंने ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक की जानकारी दी थी. एजेंसी के प्रवक्ता ने इस मामले को अतिसंवेदनशील क़रार देते हुए पुष्टि की पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिकों का एक दल कुछ नमूनों और उपकरणों के साथ वियना पहुँच गया है. अलबत्ता उन्होंने उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया. |
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