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ईरान शुरू करेगा परमाणु कार्यक्रम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
परमाणु मामलों पर ईरान के मुख्य वार्ताकार हसन रोहानी ने कहा है कि ईरान निकट भविष्य में अपने परमाणु कार्यक्रम के एक हिस्से को फिर से शुरू करेगा. लेकिन दूसरी तरफ़ यूरोपीय संघ के तीन देशों ब्रिटेन, फ़्राँस और जर्मनी ने कहा है कि अगर ईरान ने ऐसा किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. पिछले साल नवंबर में ब्रिटेन, फ़्राँस और जर्मनी से बातचीत के बाद ईरान ने कहा था कि वो अपना परमाणु कार्यक्रम स्थगित कर रहा है. इन देशों की चिंता है कि ईरान परमाणु हथियार बना सकता है. मगर अब ईरान के ये कहने से ये देश और ईरान टकराव की स्थिति में नज़र आते हैं कि वो अपना परमाणु कार्यक्रम जल्द ही शुरू कर सकता है. अमरीका पहले ही कहता रहा है कि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है जिसका ईरान ने लगातार खंडन किया है. तीन यूरोपीय देश चाहते हैं कि ईरान हमेशा के लिए अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दे लेकिन ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और उसे इसे जारी रखने का हक़ है. उसके बदले में वो ईरान को कुछ राजनीतिक और आर्थिक पैकेज देने को तैयार हैं. इसके जवाब में ईरान का कहना रहा है कि उसे प्रलोभन देकर या दबाव डालकर परमाणु कार्यक्रम से पीछे नहीं हटाया जा सकता. आरोप है कि यूरोपीय देशों के साथ बातचीत कछुए की चाल से चल रही है और वो इतने लंबे समय तक अपना परमाणु कार्यक्रम और बंद नहीं रख सकता. अभी तक ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु मामलों की संस्था आईएईए को ये लिखित रूप में नहीं बताया है कि वो अपना परमाणु कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है. अगर ईरान परमाणु कार्यक्रम शुरू करता है तो इसे यूरोपीय देशों के साथ उसके अब तक के समझौते के टूटने के रूप में देखा जाएगा. इसी के मद्देनज़र यूरोपीय देशों ने ईरान के परमाणु मध्यस्थ हसन रोहानी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि टकराव की स्थिति से बचने के लिए वो ईरान से एक पखवाड़े के अंदर बातचीत करना चाहते हैं. |
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