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शुक्रवार, 27 मई, 2005 को 16:23 GMT तक के समाचार
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पाकिस्तान में शिया-सुन्नी हिंसा
पाकिस्तान में एक दरगाह पर बम हमला
लोग उर्स समारोह में भाग ले रहे थे
पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों में शिया-सुन्नी हिंसा की घटनाओं में बढोत्तरी हुई है और मार्च, 2004 विभिन्न हिंसक घटनाओं में लगभग ढाई सौ लोगों की जानें जा चुकी हैं.

मार्च, 2004 से शिया-सुन्नी हिंसा की कुछ प्रमुख घटनाओं पर एक नज़र -

शुक्रवार, 27 मई, 2005 को राजधानी इस्लामाबाद में एक सूफ़ी दरगाह में भयंकर बम विस्फोट में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और अनेक घायल हो गए.

इससे पहले एक अप्रैल, 2005 को लाहौर में मोटरसाइकिल पर सवार कुछ बंदूकधारियों ने एक शिया विद्वान की हत्या कर दी थी. दो लोग घायल भी हुए थे.

बीस मार्च, 2005 को दक्षिण-पश्चिमी शहर फ़तेहपुर में एक दरगार पर बम हमले हुए थे जिनमें 39 लोगों की जानें चली गई थीं. उस वक़्त श्रद्धालु दरगाह पर रात का खाना खा रहे थे.

15 फ़रवरी, 2005 को इस्लामाबाद के निकट बड़ी इमाम दरगाह के एक सुन्नी मौलवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. उस हिंसा में कुल तीन लोग मारे थे.

जनवरी, 2005 में पाकिस्तान के उत्तरी शहर गिलगित में एक वरिष्ठ शिया मौलवी की हत्या के बाद शिया और सुन्नियों के बीच झड़पें हुईं. हिंसा में 17 लोगों की मौत हो गई और गिलगित में कई सप्ताह तक कर्फ़्यू लगाया गया था.

सात अक्तूबर, 2004 को मुल्तान में सुन्नी नेताओं के एक सम्मेलन में एक कार के ज़रिए बम विस्फोट किया गया जिसमें कम से कम 40 लोग मारे गए थे और 100 से ज़्यादा घायल हुए थे.

उससे पहले एक अक्तूबर को कुछ संदिग्ध आत्मघाती हमलावरों ने सियालकोट में एक शिया मस्जिद पर बमों से हमला किया जिसमें कम से कम 30 लोगों की जानें चली गईं और अनेक घायल हो गए. हमला जुमे की नमाज़ के वक़्त किया गया था.

31 मई, 2004 को कराची में एक शिया मस्जिद में एक आत्मघाती हमले में 22 लोगों की मौत हो गई और 40 से ज़्यादा घायल हो गए. हमला शाम की नमाज़ के वक़्त किया गया.

इस हमले से एक दिन पहले उसी इलाक़े में तालेबान समर्थक एक प्रमुख सुन्नी नेता की हत्या कर दी गई थी. दंगों में दो लोगों की मौत हो गई थी.

सात मई, 2004 को कराची में एक शिया मस्जिद में जुमे की नमाज़ के वक़्त आत्मघाती हमला हुआ जिसमें 23 लोगों की जानें चली गईं और 100 से ज़्यादा घायल हो गए.

दो मार्च, 2004 को दक्षिण-पश्चिमी शहर क्वेटा में शिया मुसलमानों के एक जुलूस पर एक आत्मघाती हमले में 48 लोगों की मौत हो गई और 150 से ज़्यादा ज़ख़्मी हो गए. हमलावरों ने जुलूस पर बमों से हमला किया और गोलियाँ भी चलाईं.

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