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बिल क्लिंटन श्रीलंका के दौरे पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन श्रीलंका के दौरे पर हैं जहां उन्होंने सूनामी प्रभावित इलाक़ों में पुनर्निर्माण के काम को देखा. ये पूरा क्षेत्र 26 दिसंबर को आए सूनामी से प्रभावित रहा है. बिल क्लिंटन संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत के रूप में सूनामी प्रभावित देशों के दौरे पर निकले हैं. वो श्रीलंका के पूर्वी इलाक़े में गए और उन्होंने राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा से भी मुलाक़ात की. इसके पहले भी बिल क्लिंटन और जॉर्ज बुश सीनियर ने सूनामी प्रभावित देशों के लिए सहायता राशि जुटाने की कोशिशों के तहत श्रीलंका का दौरा किया था. सूनामी के दौरान श्रीलंका के लगभग 30 हज़ार लोगों ने जान गवां दी थी. इसके पहले जॉर्ज बुश सीनियर और बिल क्लिंटन ने इंडोनेशिया का दौरा किया था. वे थाईलैंड का दौरा कर चुके हैं जहाँ उन्होंने कहा था कि दुनिया को सूनामी प्रभावितों और पुनर्निर्माण कार्य को भुला नहीं देना चाहिए. नागपट्टनम का दौरा इसके पहले क्लिंटन ने शुक्रवार को तमिलनाडु के सूनामी प्रभावित क्षेत्र नागपट्टनम का दौरा किया है. उन्होंने इस क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और प्रभावित लोगों से भी मिले. उन्होंने गुरुवार को गृह मंत्री शिवराज पाटिल से भी मुलाक़ात की थी. गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने उन्हें सूनामी के दौरान भारत सरकार के क़दमों की जानकारी दी. बाद में पत्रकारों से बातचीत में क्लिंटन ने कहा कि हमने पुनर्वास के काम को बेहतर तरीके और जल्द किए जाए के संबंध में चर्चा की. उनका कहना था कि यह सब जानते हैं कि पुनर्वास सबसे कठिन काम है. बिल क्लिंटन ने कहा कि इस आपदा के दौरान भारत सरकार ने अच्छा काम किया क्योंकि कोई बीमारी नहीं फैली और न ही कोई भूख से मरा. |
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