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'राजनेताओं को छवि सुधारनी चाहिए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के युवा सांसदों ने कहा है कि देश के राजनेताओं को अपनी छवि सुधारनी चाहिए और अपने सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता लानी चाहिए. बीबीसी हिंदी के साप्ताहिक कार्यक्रम 'आपकी बात बीबीसी के साथ' में हिस्सा लेते हुए तीन युवा सांसदों ने ये विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम में कांग्रेस के सचिन पायलट, भारतीय जनता पार्टी के मानवेंद्र सिंह और बीजू जनता दल के जय पांडा ने हिस्सा लिया. इन युवा नेताओं ने यह भी माना कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के एक साल के दौरान उन्हें संसद में अपने विचार रखने का पूरा मौक़ा नहीं मिला. कांग्रेसी नेता स्वर्गीय राजेश पायलट के बेटे और पहली बार लोकसभा में चुन कर आए सचिन पायलट ने कहा कि अगर युवा पीढ़ी में राजनीति के प्रति घटते उत्साह को रोकना है तो राजनेताओं को अपनी छवि सुधारनी पड़ेगी. पारदर्शिता सचिन पायलट ने कहा, "राजनीति और राजनेताओं की छवि अच्छी नहीं है. देश के युवाओं में आम धारणा यही है कि राजनेताओं का चरित्र अच्छा नहीं रहा. इस ख़तरनाक सोच को बदलने के लिए राजनेताओं को सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता लानी होगी." सचिन पायलट ने उम्मीद जताई कि शिक्षित युवा सांसदों की बढ़ती संख्या से युवा पीढ़ी में राजनीति के प्रति उत्साह बढ़ेगा. बीजू जनता दल के राज्यसभा सांसद जय पांडा ने कहा कि अब स्थिति बदल रही है और अगले तीन-चार वर्षों में भारतीय राजनीति का युवा चेहरा सामने आएगा. पहली बार सांसद बने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने कहा कि राजनीति के प्रति कम रुचि शहरी युवाओं में है, ग्रामीण इलाक़ों में ऐसी स्थिति नहीं. मानवेंद्र सिंह ने कहा, "मेरा मानना है कि ग्रामीण युवा देश की राजनीतिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है और राजनीतिक घटनाक्रमों में उसकी रुचि भी रहती है." उन्होंने कहा कि बेरोज़गारी और अन्य समस्याओं के कारण शहरी युवा की राजनीति में रुचि कम है. गतिरोध संसद में जारी गतिरोध के बारे में कांग्रेस सांसद सचिन पायलट ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि संसद सार्थक बहस के लिए है. उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछले एक साल के दौरान संसद के बहिष्कार पर ही ज़ोर दे रहा है और सभी का मज़ाक बनाया जा रहा है. लेकिन बीजेपी सांसद मानवेंद्र सिंह ने सचिन पायलट की बात का विरोध करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें चुन कर इसलिए भेजा है ताकि वे इस बात को निश्चित कर सकें कि कोई दाग़ी मंत्री और अपराधी मंत्री न बनें. बीजू जनता दल के सांसद जय पांडा ने कहा, "अगर आप संसद की कार्यवाही देखेंगे तो पाएँगे कि युवा सांसद कामकाज ठप नहीं करते. ये ज़रूर है कि वे चुप रहते हैं लेकिन ऐसा इसलिए हैं कि उन्हें ज़्यादा बोलने का मौक़ा नहीं मिलता." सदन में कामकाज के आधार पर पसंदीदा सांसदों की बात का जवाब सचिन पायलट ने यूँ दिया, "हमारी पार्टी 120 साल पुरानी पार्टी है. हमारी पार्टी में कई बेहतरीन सांसद हैं लेकिन मैं पार्टी लाइन से ऊपर उठकर ये कहना चाहता हूँ कि वामपंथी दलों के सांसद पूरी तैयारी के साथ सदन में आते हैं." मानवेंद्र सिंह ने विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी को ऐसा सांसद बताया जिनसे आप प्रेरणा ले सकते हैं. जबकि जय पांडा ने किसी एक सांसद का नाम लेने से परहेज़ किया. |
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