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अफ़ग़ानिस्तान में छह राहतकर्मी मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ान अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध तालेबान छापामारों ने छह राहत कर्मचारियों की गोली मारकर हत्या कर दी है. ये सभी लोग अफ़ग़ान नागरिक थे और दक्षिणी ज़ाबुल प्रांत में उस सड़क पर यात्रा कर रहे थे जो काबुल और कंधार को जोड़ती है. इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है कि ये लोग किस संस्था के लिए काम कर रहे थे. अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारी सोमवार को अगवा की गईं इतालवी राहत कार्यकर्ता को छुड़ाने की कोशिश में लगे थे तभी यह घटना हो गई. इससे पहले बुधवार को तालेबान ने पाँच अफ़ग़ान लोगों की हत्या कर दी थी, ये पाँचों लोग अफ़ीम विरोधी अभियान के लिए काम कर रहे थे जिसके लिए अमरीका ने धन उपलब्ध कराया है. यह घटना हिलमंद प्रांत में हुई थी जहाँ बड़े पैमाने पर अफ़ीम की खेती होती है, मारे गए लोग अमरीकी कंपनी चेमोनिक्स के कर्मचारी थे, यह कंपनी अफ़ीम की जगह दूसरे उत्पादों की खेती को बढ़ावा देने का काम कर रही थी. ताज़ा घटना ज़ाबुल में हमला स्थानीय समय के अनुसार गुरूवार को तड़के हुआ. ज़ाबुल प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता ने कहा, "छह अफ़ग़ान कार्यकर्ता हाइवे पर जा रहे थे तभी हाइवे पर सुबह चार बजे छापामारों ने हमला करके उन्हें मार डाला." कंधार और आसपास का इलाक़ा शुरू से लेकर अब तक तालेबान का गढ़ माना जाता रहा है, 2001 में अमरीकी हमले के बाद से तालेबान को काबुल से भागना पड़ा लेकिन अमरीकी सैनिकों से उनकी झड़पें जारी हैं. पिछले एक महीने में अमरीकी सैनिकों ने अफ़ग़ानिस्तान के कई इलाक़ों में ज़ोरदार हमले किए हैं जिनमें बड़ी संख्या में तालेबान विद्रोहियों के मारे जाने का दावा किया गया है. |
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