|
अमरीकी-अफ़ग़ान दोस्ती पर चर्चा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि उनका देश अमरीका के साथ सुरक्षआ क्षेत्र में दीर्घकालीन संबंध चाहता है. हामिद करज़ई ने अमरीकी रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड से राजधानी काबुल में मुलाक़ात के बाद यह बात कही. रम्सफ़ेल्ड बुधवार को अफ़ग़ानिस्तान पहुँचे थे और उससे पहले उन्होंने इराक़ का दौरा किया था. अफ़ग़ानिस्तान के बाद रम्सफ़ेल्ड आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमरीकी लड़ाई और सैनिक संबंधों पर बातचीत के लिए पाकिस्तान चले गए. संवाददाताओं का कहना है कि अमरीका अफ़ग़ानिस्तान अपना एक स्थाई सैनिक अड्डा स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है और ख़बरों में कहा गया है कि रम्सफ़ेल्ड ने करज़ई के साथ इस मुद्दे पर भी बात की है. लेकिन रम्सफ़ेल्ड इस मुद्दे को घुमा गए और संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, "हम आमतौर पर अगर किसी देश के साथ मिलकर कोई काम करते हैं तो यह देखते हैं कि किस तरह से मददगार साबित हो सकते हैं, संभवतः प्रशिक्षण के ज़रिए, उपकरण मुरैया कराकर या फिर किसी और तरह की सहायता देकर." "हम ख़ासतौर से इस दायरे में सोचते हैं कि हम क्या कर रहे हैं और यह कोई सैन्य अड्डा स्थापित करने का सवाल नहीं है." हामिद करज़ई ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान अमरीका के साथ लंबी अवधि के लिए सुरक्षा दोस्ती चाहता है. संभावना जताई जा रही है कि अधिकतर अमरीकी सैनिक सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों के बाद अफ़ग़ानिस्तान से वापस जाना शुरु कर देंगे. अमरीका का मानना है कि तालिबान लड़ाकों की संख्या बहुत कम रह गई है और अमरीकी सैनिकों को अपना ध्यान अफ़ीम की अवैध खेती को रोकने पर देना चाहिए. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||