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'मुशर्रफ़ से बात सिर्फ़ क्रिकेट पर होगी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ जब क्रिकेट देखने आएँगे तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनकी बातचीत होगी लेकिन वह सिर्फ़ क्रिकेट तक ही सीमित होगी. भारत का इशारा था कि इसके अलावा बातचीत का कोई और एजेंडा नहीं है यानी राजनयिक स्तर पर कोई बातचीत नहीं होगी. भारत के विदेश राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा, "राष्ट्रपति मुशर्रफ़ क्रिकेट देखने आ रहे हैं और यदि उनकी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत होती है तो वह क्रिकेट पर ही होगी." दूसरी ओर भारत के विदेश सचिव श्याम सरन ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच अगले महीने दिल्ली में होने वाली मुलाक़ात का कोई एजेंडा निर्धारित नहीं है. उनका कहना था कि इस अनौपचारिक मुलाक़ात के दौरान दोनों नेता जिस मुद्दे पर भी चाहें, बात कर सकते हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार विदेश सचिव श्याम सरन ने ये बातें पाकिस्तान से भारत आए पत्रकारों से मुलाक़ात के दौरान कहीं. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ 16 अप्रैल को दिल्ली आ रहे हैं और वह 17 अप्रैल को भारत-पाक के बीच होने वाले एकदिवसीय मैच को देखेंगे. मनमोहन सिंह राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के सम्मान में एक भोज का आयोजन करेंगे जिसमें दोनों नेताओं के बीच बातचीत होगी. कश्मीर का मुद्दा दूसरी ओर राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने घोषणा की है कि कश्मीर विवाद पर अगर कोई प्रगति नहीं हुई तो भारत के साथ जारी शांति प्रक्रिया पटरी से उतर सकती है. बुधवार को पाकिस्तान दिवस के मौक़े पर उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दा अगर नहीं सुलझा तो दोनों देशों की ओर से रिश्ते सुधारने के लिए की गई पहल नाकाम हो जाएगी. मुशर्रफ़ ने कहा, "हम शांति चाहते हैं और बातचीत के ज़रिए सारे मसले हल करना चाहते हैं लेकिन हम कोई दबाव स्वीकार नहीं करेंगे." उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मिलकर कश्मीर विवाद का कोई हल ढूँढना चाहिए जो भारत, पाकिस्तान तथा कश्मीर की जनता को स्वीकार्य हो. |
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