|
बस सेवा के समर्थन में प्रस्ताव पारित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने मंगलवार को श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा के समर्थन में एक प्रस्ताव पारित किया. राज्य के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि बस सेवा की शुरूआत के सकारात्मक परिणाम निकलेंगे और राज्य में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी. इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. विपक्षी नेशनल कॉफ़्रेंस ने इसमें संशोधन का प्रस्ताव रखा था कि भारत और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के अन्य मार्गों पर भी बस चलाई जाए. इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की प्रशंसा की गई और कहा गया है कि इससे भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया को मज़बूत मिलेगी. शुरुआत श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा की शुरुआत सात अप्रैल से होनी है. दोनों देशों के संबंधों में सुधार की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में स्पष्ट किया था कि श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा की शुरुआत और परमिट व्यवस्था से भारत की जम्मू- कश्मीर नीति में कोई परिवर्तन नहीं आएगा. उन्होंने स्पष्ट किया था, '' इससे हमारी सुरक्षा को कोई ख़तरा नहीं है.'' दरअसल विपक्षी सदस्यों ने बस सेवा को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े किए थे. विवादित कश्मीर के दोनों हिस्सों के बीच यह पहला सीधा ज़मीनी संपर्क होगा. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||