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श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद मार्ग खुलने की 'उम्मीदें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी के बीच बुधवार को औपचारिक बातचीत हुई जिसमें दोनों तरफ़ के कश्मीर के बीच सड़क संपर्क बहाल करने पर सहमति हुई. इससे पहले नटवर सिंह ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मुलाक़ात की है जिसे दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत के लिए काफ़ी सकारात्मक माना जा रहा है. नटवर सिंह की इस यात्रा को दोनों देशों के बीच क़रीब एक साल पहले शुरू हुए संबंध सुधार को और आगे बढ़ाने की दिशा में एक और कोशिश माना जा रहा है. वैसे दोनों देशों ने संकेत दिया था कि नटवर सिंह की इस यात्रा के दौरान श्रीनगर और मुज़फ़्फ़राबाद के बीच सड़क मार्ग खोलने पर कोई समझौता होने की उम्मीद है. भारतीय विदेश मंत्री दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को इस्लामाबाद पहुंचे थे. इस्लामाबाद में मंगलवार को एक बयान जारी कर नटवर सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी के साथ बातचीत में दोनों देशों के बीच सामान्य हुए संबंधों को और आगे बढ़ाने के रास्ते तलाशे जाएंगे. "विदेश मंत्री कसूरी के साथ अपनी मुलाक़ात के दौरान मैं पाकिस्तान के साथ तनावमुक्त, शांतिपूर्ण और सहयोगपूर्ण संबंधों की भारत की प्रतिबद्धता दोहराउंगा." पंद्रह वर्षों बाद द्विपक्षीय वार्ता के लिए किसी भारतीय विदेश मंत्री की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है.
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार एहतेशाम उल हक़ का कहना है कि भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि भरोसा बढ़ाने संबंधी कई मुद्दों पर बातचीत हो सकती है. उनका कहना है कि इस बार अहम बात यह है कि पाकिस्तान के विपक्षी दल भी यात्रा का विरोध नहीं कर रहे हैं. श्रीनगर-मुज़फ्फ़राबाद बस बीबीसी संवाददाता का कहना था कि श्रीनगर-मुज़फ्फ़राबाद बस के मामले में दोनों देशों के बीच कोई सहमति बन सकती है. पिछले कई महीनों से कश्मीर के दोनों हिस्सों को आपस जोड़ने के इस प्रस्ताव पर तकनीकी मुद्दों को लेकर विवाद जारी था. भारत का कहना था कि श्रीनगर से मुज़फ़्फ़राबाद जाने वाले लोग भारतीय पासपोर्ट पर यात्रा करें जबकि पाकिस्तान इसके लिए तैयार नहीं था. पाकिस्तान का कहना था कि यात्रियों को ट्रैवल परमिट के आधार पर यात्रा करने दिया जाए. भारतीय अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भारत इसके लिए राज़ी हो सकता है. भारतीय विदेश मंत्री की इस यात्रा से कश्मीर मसले के हल की दिशा में बहुत ज़्यादा प्रगति होने की उम्मीद नहीं की जा रही है. इस बातचीत में पाकिस्तान के रास्ते ईरान से भारत आने वाली प्रस्तावित गैस पाइपलाइन पर भी चर्चा होने की संभावना है. |
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