|
पुराना मकान देखने गईं मुशर्रफ़ की माँ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की माँ ज़रीन मुशर्रफ़ गुरुवार को एक बार फिर अपने पुराने मकान में गईं और पुरानी यादों को ताज़ा किया. अस्सी साल से अधिक उम्र की ज़रीन मुशर्रफ़ व्हील चेयर पर वहाँ पहुँची थीं. उनके साथ राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के बेटे बिलाल और उनके भाई जावेद मुशर्रफ़ भी थे. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जब तीनों वहाँ पहुँचे तो दरियागंज की सँकरी गलियों में भारी भीड़ थी. लोग अपने मकानों की छत और खिड़कियों पर जमा थे. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इससे पहले राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की माँ इस हवेली में 1982 में आईं थीं और तब उनकी मुलाक़ात अरुणा आसफ़ अली से भी हुई थी. उन्होंने याद करते हुए कहा, "पिछली बार जब मैं यहाँ आई थी तब से अब तक बहुत कुछ बदल गया है. यहाँ तो अब एक नया आसमाँ दिखाई पड़ता है."
दरियागंज के इस पुरानी हवेली में ही परवेज़ मुशर्रफ़ का जन्म हुआ था. अपनी पिछली भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुशर्रफ़ भी वहाँ गए थे. वे 2001 में आगरा शिखर बैठक के लिए दिल्ली आए थे. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की माँ वहाँ तीस मिनट तक रहीं और हवेली में इस समय रह रहे लोगों से बातें कीं. उन्होंने वहाँ रहने वाली 10 साल की ऐश्वर्या का जन्मदिन भी मनाया. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के परिवारजनों का दिल्ली विधानसभा के उपसभापति शोएब इक़बाल ने स्वागत किया. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||