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नेपाल में दो पूर्व मंत्रियों समेत छह रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में आपातकाल लागू करने और राजा द्वारा सभी कार्यकारी अधिकारी अपने हाथ में ले लेने के बाद गिरफ़्तार दो पूर्व मंत्रियों समेत छह लोग रिहा कर दिए गए हैं. शेर बहादुर देउबा सरकार में मंत्री रहे होमनाथ दहल और एक अन्य पूर्व मंत्री और यूनाइटेड मार्क्सवादी लेनिनवादी के प्रदीप नेपाल के साथ-साथ नेपाली पत्रकार संघ के महासचिव बिष्णु निष्ठुरी को भी रिहा कर दिया गया है. इनके अलावा भारत में नेपाल के पूर्व राजदूत लोकराज बराल, प्रोफ़ेसर खगेंद्र भट्टाराई और पूर्व सांसद शिव कुमार बसनेत को भी रिहा किया गया है. पिछले सप्ताह भी नेपाल में कई लोगों को रिहा किया गया था लेकिन अभी भी कई शीर्ष नेता, पार्टी कार्यकर्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता हिरासत में हैं. इनमें बर्ख़ास्त प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, नेपाली कांग्रेस के गिरिजा प्रसाद कोईराला और यूएमएल के माधव कुमार नेपाल भी शामिल हैं. नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र का कहना है कि कार्यकारी अधिकार अपने हाथ में ले लेने का फ़ैसला, सरकार को बर्ख़ास्त करने का फ़ैसला और आपात काल लागू करना देश में शांति व्यवस्था और माओवादी विद्रोह से निपटने के लिए ज़रूरी था. |
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