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बांग्लादेश में नाव डूबी, 82 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की पुलिस का कहना है कि राजधानी ढाका के निकट हुई एक नाव दुर्घटना के बाद 82 शव निकाले जा चुके हैं और सौ लोग अभी भी लापता हैं. पुलिस के अनुसार क़रीब सौ लोग तैर कर बाहर आ गए. लापता लोगों की खोज के लिए बड़े पैमाने पर राहत कार्य चल रहा है. राजधानी ढाका के पास बूढ़ी गंगा नदी से गुजर रही एमवी महाराज नाम की इस नाव में क़रीब 300 लोग सवार थे. यह नौका राजधानी ढाका से चंदपुर जा रही थी. यह नौका भीषण तूफान में फँस गई और डूब गई और स्थानीय समय के अनुसार रात क़रीब ग्यारह बजे डूब गई. सरकारी अधिकारियों के अनुसार ज़्यादातर यात्रियों को आसपास के गाँव के लोगों और मछुआरों ने बचाया. अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. एक अधिकारी सैयद मुनव्वर हुसैन ने बताया, "आशंका है कि कई लोग नौका में ही फँसे हुए हैं. इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है." दुर्घटना की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं. लेकिन बांग्लादेश में नाव डूबने की घटनाएँ अक्सर होती रहती हैं और नाव यात्रा को बहुत असुरक्षित माना जाता है. आरोप लगाए जाते हैं कि नावों में नियम-क़ानूनों की अनदेखी करते हुए क्षमता से ज़्यादा लोगों को बिठाया जाता है जिससे उनका संतुलन बिगड़ जाता है और डूब जाती हैं. |
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