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बांग्लादेश में तीन को मौत की सजा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में चार राजनीतिज्ञों की हत्या के मामले में तीन पूर्व सैनिक अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई गई है. इस मामले में 12 लोगों को आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई है. जबकि पाँच लोगों को आरोपों से बरी कर दिया गया है. ये मामला 1975 का है जब जेल में बंद चार राजनीतिज्ञों की हत्या कर दी गई थी. यह मामला हत्याकांड के दो दशक बाद 1996 में शुरू किया गया था. चारों नेता पूर्व राष्ट्रपति शेख़ मुजीबुर्रहमान के सहयोगी थे. बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख़ मुजीब की अगस्त 1975 में उनके परिवार के अधिकांश सदस्यों के साथ हत्या कर दी गई थी. जिन राजनीतिज्ञों की हत्या के मामले में सोमवार को सजा सुनाई गई, माना जाता है कि वे तत्कालीन राष्ट्रपति मुश्ताक़ अहमद की सरकार में शामिल होने को तैयार नहीं हो रहे थे. मौत की सजा पाए तीनों पूर्व जूनियर सैनिक अधिकारी फ़रार हैं. जिन 12 पूर्व अधिकारियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है उनमें से भी नौ फ़रार हैं. |
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