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ढाका में ज़बरदस्त बाढ़, नौसेना को बुलाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में दशकों में आई सबसे भयंकर बाढ़ के बाद अधिकारियों ने सभी सरकारी कार्यालय बंद कर दिए हैं. मंत्रियों और अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक में राहत और बचाव कार्यों में नौसेना की सहायता लेने का फ़ैसला किया गया. अधिकारियों के अनुसार शहर की लगभग सभी मुख्य सड़कें पानी में डूब चुकी हैं और इतनी भयंकर बाढ़ तो पहले कभी आई ही नहीं. उन्होंने सर्वाधिक प्रभावित इलाक़ों में गैस, बिजली, पानी और टेलीफ़ोन सेवाएँ तुरंत बहाल करने के लिए कहा है. अधिकतर वाहन नहीं चल रहे हैं और रेल सेवाएएँ भी ठप हैं. इससे पहले जुलाई में बाक़ी बांग्लादेश में भयंकर बाढ़ आई थी जिसमें 600 लोगों की मौत हो गई थी. मौसम विभाग के अधिकारियों का मानना है कि हाल ही में हुई बारिश कई वर्षों में सबसे ज़ोरदार हुई है. ढाका में बीबीसी संवाददाता वलीउर रहमान के अनुसार अब चिंता इस बात को लेकर हो गई है कि नाले-नाली के पानी से शहर के साफ़ पानी की आपूर्ति दूषित हो सकती है. लगातार दूसरे दिन ढाका शेयर बाज़ार बंद रहा. बाढ़ का पानी प्रधानमंत्री के कार्यालय, संसद और सचिवालय तक भर गया है. कुछ इलाक़ों में तो दुकानें और घरों की निचली मंज़िलें डूब गई हैं. ढाका के मेयर सादिक हुसैन खोका का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने में कम से कम 24 घंटे का समय लग सकता है. |
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