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बाढ़ ने बीमारी की आशंकाएँ बढ़ाईं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की राजधानी ढाका का लगभग आधा हिस्सा बाढ़ में डूबा हुआ है और वहाँ तेज़ी से बीमारी फैलने की आशंका ज़ाहिर की जाने लगी है. शहर में कई जगह पानी की निकासी बंद हो गई है और सड़कों पर भूरा, बदबूदार पानी फैला नज़र आ रहा है, कई इमारतें पानी में अब भी पूरी तरह डूबी हुई हैं. हज़ारों लोग पहले ही अतिसार और दस्त की वजह से अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं. उधर मॉनसून की बारिश भी जारी है और स्थिति इतनी ख़राब हो गई है कि नल के पानी से भी बदबू आने लगी है. शहर के लाखों लोग ट्यूबवेल के पानी को पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं और डर है कि इनमें से कई गंदे पानी के कारण संक्रमण का शिकार हो सकते हैं. बाढ़ ने शहर के ग़रीब वर्ग के लिए जीवन और भी दुश्वार कर दिया है.
कई हिस्सों में झुग्गी-झोंपड़ियाँ निचले इलाक़ों में बसी हैं और उनमें से कई पिछले कुछ दिनों से पानी में डूबी हुई हैं. कई लोग वहाँ से बाहर निकलकर तंबुओं में रह रहे हैं. शहर के कई हिस्सों में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नावें ही एकमात्र माध्यम हैं. बाढ़ की भविष्यवाणी करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि अभी राहत के कोई आसार नहीं हैं. आने वाले कुछ दिनों में नदियों का पानी और चढ़ने की आशंका है. |
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