| पाक ने टाइम के लेख का खंडन किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने एक पत्रिका में छपे उस लेख का खंडन किया है जिसमें कहा गया है कि अमरीका इस बात की जांच कर रहा है कि पाकिस्तानी वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर खान ने अरब देशों को परमाणु जानकारियां बेची हैं या नहीं. पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा कि टाइम पत्रिका में किया गया इस तरह का दावा बिल्कुल ग़लत और आधारहीन है. पत्रिका ने पाकिस्तान के रक्षा सूत्रों के हवाले से ख़बर दी थी कि अमरीका जांच कर रहा है कि सऊदी अरब जैसे देशों को परमाणु जानकारी बेची गई थी या नहीं. पाकिस्तान ने इससे पहले डॉ क़दीर खान को माफी दे दी थी. खान ने माना था कि उन्होंने ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को अवैध रुप से परमाणु जानकारियां बेची थीं. हालांकि खान को पाकिस्तान में अभी भी कई लोग राष्ट्रीय हीरो को रुप में देखते हैं और देश के परमाणु कार्यक्रमों के जनक के रुप में उनकी ख्याति है इस समय वो पूरी तरह घर में नज़रबंद जीवन बिता रहे हैं. टाइम पत्रिका का कहना है कि खान की भूमिका के बारे में जितना सोचा गया था वो उससे बढ़कर है. परमाणु जानकारी का प्रसार सूचना मंत्री रशीद अहमद का कहना है कि टाइम की कहानी में तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है. उन्होंने कहा " सऊदी अरब के मामले में पाकिस्तान को किसी भी तरह से जोड़ा नहीं जा सकता. " हालांकि उन्होंने इस बात से इंकार नहीं किया कि खान का नेटवर्क अनुमान से बड़ा हो सकता है. |
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