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'युद्धविराम का उल्लंघन है गोलाबारी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय सेना ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर मंगलवार को हुई गोलाबारी को वह "युद्धविराम का उल्लंघन" मानती है. भारतीय सेना के दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी लेफ़्टिनेंट जनरल बीएस ठाकुर ने बताया कि पाकिस्तान के साथ इस मामले पर चर्चा हुई है. लेफ्टिनेंट जनरल ठाकुर ने कहा, "हमारे डायरेक्टर जनरल ऑफ़ मिलिट्री ऑपरेशन (डीजीएमओ) ने पाकिस्तानी अधिकारियों से बात की है और उन्हें भारत की चिंताओं से अवगत कराया है." उन्होंने कहा कि भारत इस घटना को तेरह महीने से चल रहे युद्धविराम के उल्लंघन के रूप में देखता है लेकिन "हम संयम से काम ले रहे हैं और जवाबी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, हम आशा करते हैं कि पाकिस्तान इस मामले को गंभीरता से लेगा." पाकिस्तानी पक्ष उधर पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता शौक़त सुल्तान ने मंगलवार सुबह बीबीसी हिंदी से बातचीत में कहा था, "पाकिस्तान की तरफ़ से कोई गोलाबारी नहीं की गई है और न ही युद्धविराम का कोई उल्लंघन किया गया है." उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे किसी मोर्टार हमले की कोई ख़बर नहीं है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने भी नियंत्रण रेखा पर कुछ धमाकों की आवाज़ सुनी जिन्हें नियंत्रण रेखा के भीतर भारतीय इलाक़े में क़रीब डेढ़ किलोमीटर अंदर सुना गया. शौकत सुल्तान ने कहा कि हो सकता है कि वे धमाके कोई बारूद फटने से या कोई बारूदी सुरंग फटने से हुए हों या फिर कोई और वजह हो सकती है, जैसेकि किसी तरह की गोलीबारी, "लेकिन पाकिस्तान की तरफ़ से किसी भी तरह की कोई फ़ायरिंग नहीं हुई." लेकिन भारतीय अधिकारियों का कहना है कि ये मोर्टार धमाके थे जो मंगलवार को भारतीय समय के अनुसार दोपहर के एक बजे से लेकर दो बजे के बीच सुने गए, पुंछ सेक्टर में शिंगपती चौकी के आसपास कुल बारह धमाके सुने गए. लेफ़्टिनेंट जनरल बीएस ठाकुर ने यहाँ तक बताया कि ये गोले 60 और 88 मिलीमीटर के मोर्टार से चलाए गए थे. भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में इस संभावना से इनकार नहीं किया कि इसके पीछे चरमपंथियों का हाथ हो सकता है लेकिन लेफ़्टिनेंट जनरल ठाकुर ने कहा कि ऐसे गोले पाकिस्तानी सेना के पास हैं. |
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