| श्रीनगर में मुठभेड़, चार की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बख़्शी स्टेडियम के पास एक परिसर में चरमपंथियों और सुरक्षा बलों के बीच 25 घंटों से चल रही मुठभेड़ ख़त्म हो गई है. मुठभेड़ में दो चरमपंथी और दो सुरक्षाकर्मी मारे गए. मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब दो चरमपंथी एक सरकारी इमारत में घुस गए. राज्य के पुलिस उप महानिरीक्षक एसएस सिंह ने बताया, "हमने दोनों चरमपंथियों को मार दिया है. मुठभेड़ अब ख़त्म हो गई है." जिस इमारत में यह मुठभेड़ चल रही है उसमें रविवार सुबह तब आग लग गई जब केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल ने ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसाईं. अधिकारियों ने बताया कि दोनों सुरक्षाकर्मियों के शव इमारत के मलबे से बरामद कर लिए गए हैं. पाँच सुरक्षाकर्मी गोलीबारी में घायल भी हुए हैं. अधिकारियों के अनुसार इस अभियान में सैकड़ों सुरक्षाकर्मी लगे थे और शनिवार को गोलीबारी में तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे. ज़िम्मेदारी ख़बरों के अनुसार अल-मंसूरिन चरमपंथी गुट ने ज़िम्मेदार ली है कि बंदूकधारी उसके गुट के सदस्य हैं. बख़्शी स्टेडियम के पास बने इस परिसर में केंद्र सरकार के कई दफ़्तर हैं और मुख्य इमारत में सीआरपीएफ़ का मुख्यालय है. ग़ौरतलब है कि बख़्शी स्टेडियम में ही 26 जनवरी की परेड भी होती है. शनिवार देर रात तक गोलीबारी चलती रही और रविवार तड़के तक सुरक्षा बलों ने स्टेडियम परिसर की घेराबंदी कर रखी थी और गोलीबारी चल रही थी. महत्वपूर्ण है कि ये काफ़ी ज़्यादा सुरक्षा वाला इलाक़ा है और सीआरपीएफ़ के कई दस्ते भी वहाँ तैनात किए गए हैं. स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस से पहले वहाँ सुरक्षा और बढ़ा दी जाती है क्योंकि वहीं पर इन दिनों के समारोह होते हैं. बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन के अनुसार ये स्पष्ट नहीं है कि संदिग्ध चरमपंथी स्टेडियम में सुरक्षा के बावजूद कैसे दाख़िल हुए. |
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