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कश्मीर पर विदेश सचिवों की बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिव दोनों देशों के बीच शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं. इस बात बातचीत की मेजबानी कर रहा है पाकिस्तान. राजधानी इस्लामाबाद में चल रही बातचीत में दोनों देशों के बीच विवाद का मुख्य विषय कश्मीर भी शामिल है. भारत की ओर से विदेश सचिव श्याम सरन और पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ ख़ोखर बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं. दोनों विदेश सचिव इस साल जनवरी में शुरू हुई शांति प्रक्रिया की प्रगति की भी समीक्षा कर रहे हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि शांति प्रक्रिया शुरू होने के बाद दोनों पक्ष कश्मीर पर भी बातचीत कर रहे हैं. क्योंकि दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख विषय भी कश्मीर ही है. पाकिस्तान ने बातचीत शुरू होने पर सबसे पहले भूकंप में समुद्री लहरों से पैदा हुए संकट और उसमें मारे गए हज़ारों लोगों के प्रति सहानुभूति प्रकट की. पेशकश पाकिस्तान ने भारत को राहत कार्य में सहायता देने की भी पेशकश की है. बातचीत में दोनों पक्षों ने यह भी संदेश देने की कोशिश की कि कश्मीर पर बातचीत ज़रूरी है लेकिन इसके कारण बाक़ी के मुद्दे पर चल रही वार्ता रुकनी नहीं चाहिए. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने बताया कि भारतीय विदेश सचिव श्याम सरन ने पाकिस्तान को भरोसा दिलाया है कि भारत किसी भी विषय पर बातचीत से कतरा नहीं रहा है. कश्मीर पर बातचीत मंगलवार को होने की उम्मीद है. यह भी उम्मीद है कि मसले के हल की दिशा में दोनों पक्ष कोई नया प्रस्ताव भी रख सकते हैं. मसूद ख़ान ने बताया कि सोमवार को हुई बातचीत में शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा हुई. उन्होंने बताया कि परमाणु मुद्दा भी एजेंडे में शामिल था. जानकारों का कहना है कि अभी भी दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद क़ायम हैं इसलिए इस दौर की बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद न करें. पाकिस्तान का कहना है कि वह भारत के साथ बातचीत जारी रखना चाहता है और भविष्य में कई मुद्दों पर बातचीत होगी. |
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