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श्रीनगर में मुठभेड़ में सात मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर के श्रीनगर में सुरक्षा बलों ने एक सरकारी इमारत में छिपे चरमपंथी को मार गिराया है. दो दिन चली मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी समेत सात लोग मारे गए है. शुक्रवार को दो चरमपंथी इस इमारत में घुस गए थे और सुरक्षा बलों ने इमारत को घेर लिया था. शुक्रवार को इस मुठभेड़ में चार लोग मारे गए थे जिसके बाद गोलाबारी रुक गई थी. लेकिन शनिवार को एक बार फिर गोलाबारी शुरु हुई जिसमें एक सुरक्षाकर्मी मारा गया और एक अन्य घायल हुआ है. सुरक्षा बलों ने लगातार कार्रवाई जारी रखी और दूसरे चरमपंथी को भी मार गिराया. मारे जाने वाले सुरक्षाकर्मियों ने केंद्रीय रिज़र्व पुलिस के डिप्टी कमांडेंट एसएस रावत भी शामिल हैं. मारे गए चरमपंथियो के बारे में कल विरोधाभासी बयान आए थे लेकिन अब स्पष्ट है कि चरमपंथी दो ही थे. ख़ुद को एक चरमपंथी संगठन अल मंसूरियन का प्रवक्ता बताने वाले एक व्यक्ति ने बीबीसी के दफ़्तर में फोन करके इस हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार की. इस हमले में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के डिप्टी कमांडेंट सहित पाँच सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं. चरमपंथियों के हमले के समय इमारत में फँसे आय कर विभाग के कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया था और मुठभेड़ शुक्रवार को देर शाम तक चलती रही. इस मुठभेड़ के दौरान इमारत में आग लग गई जिसकी वजह से आय कर भवन पूरी तरह जलकर राख हो गया है. आय कर भवन एक कड़ी सुरक्षा वाली इमारत थी जहाँ 20 सुरक्षाकर्मी तैनात थे, उसके बावजूद हुए इस हमले को काफ़ी दुस्साहसिक माना जा रहा है. |
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