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भारत में मृतक 15 हज़ार, सर्वदलीय बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सूनामी लहरों से मृतकों की संख्या 15 हज़ार से ज़्यादा हो गई है हालाँकि संवाददाताओं का कहना है कि यह संख्या कहीं ज़्यादा है. सुनामी से हुई तबाही के बाद राहत कार्यों की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसी सप्ताह सर्वदलीय बैठक बुलाई है. आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि भारत में सूनामी लहरों से मारे गए लोगों की संख्या अब 15 हज़ार से ऊपर हो गई है. मृतकों में अधिकतर अंडेमान-निकोबार द्वीप समूह के निवासी थे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कार-निकोबार द्वीप पर ही लगभग दस हज़ार लोग या तो मारे गए हैं या फिर लापता हैं. वहाँ बच निकले लोगों को हैज़ा और टायफ़ायड से बचाव की दवाइयाँ दी जा रही हैं. सर्वदलीय बैठक उधर समाचार एजेंसियों के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस हफ़्ते राहत और पुनर्वास कार्यों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इसमें तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, केरल और अंडेमान-निकोबार द्वीपों में हुई तबाही के बाद राहत पहुँचाने पर विचार विमर्श होगा. समाचार एजेंसियों - पीटीआई और यूएनआई के अनुसार यह सर्वदलीय बैठक सात जनवरी को होने की संभावना है. इस बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विपक्षी दलों को बताएँगे कि प्रभावित राज्यों में राहत पहुँचाने के बारे में सरकार क्या कर रही है. बैठक में इस त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने का मुद्दा भी उठ सकता है. रविवार को गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात कर उन्हें राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी. |
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