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अश्लील वीडियो वाले लड़के की ज़मानत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में एक बाल अपराध अदालत ने उस स्कूली छात्र को ज़मानत दे दी है जिसपर एक 16 साल की छात्रा के साथ अपने ही यौन संबंधों को मोबाइल फ़ोन पर रिकॉर्ड करने का आरोप है. इस वीडियो क्लिप की सीडी बनाकर बाज़ी डॉट कॉम के ज़रिए बेची गई थी जिसके बाद बाज़ी डॉट कॉम के भारत में मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी गिरफ़्तार किया गया था. इस मामले में स्कूली लड़के को भी गिरफ़्तार किया गया था और उससे पूछताछ कर रही थी. भारत में तहलका मचाने वाली इस घटना में अभियोजन पक्ष ने माँग की है कि इस किशोर को मनोचिकित्सकों की देखरेख में रखा जाना चाहिए क्योंकि उसने "पशुओं जैसी हरकत" की है. लेकिन बाल अपराध अदालत ने समाज कल्याण रिपोर्टें पढ़ने के बाद कहा कि यह किशोर एक सभ्य परिवार से है और उसका इस तरह की हरकत का कोई इतिहास नहीं है. किशोर के माता-पिता ने पच्चीस हज़ार रुपए का मुचलका भरा और उसका पासपोर्ट भी अदालत में जमा किया जिसके बाद न्यायाधीश संतोष स्नेही मान ने किशोर की ज़मानत मंज़ूर कर दी. किशोर को देश से बाहर जाने से भी मना किया गया है. अदालत ने आदेश दिया है कि उस किशोर की कुछ महीनों तक मानसिक चिकित्सा की जाए और उसके माता-पिता से कहा गया है कि किशोर के व्यवहार की हर सप्ताह रिपोर्ट दें. माँग उधर पुलिस और अभियोजन पक्ष ने माँग की है कि इस लड़के को बाल अपराध शाखा के पास रखा जाना चाहिए.
पुलिस की एक याचिका में कहा गया है, "इस लड़के की हरकत अश्लील है और उसकी पशु प्रवृत्ति दिखाती है. उसकी मानसिक चिकित्सा होनी चाहिए." "यह लड़का लगातार सबूतों के साथ छेड़छाड़ करता रहा है और इसने उस मोबाइल फ़ोन को भी नष्ट कर दिया जिसमें आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड की गई थी." इस किशोर की ज़मानत मंज़ूर होने से एक दिन पहले बाज़ी डॉट कॉम के भारत में प्रबंधक अवनीश बजाज की भी ज़मानत मंज़ूर कर ली गई थी लेकिन उन्हें भी देश से बाहर जाने से मना किया गया. बाज़ी डॉट कॉम की कंपनी अमरीका की ई बे कंपनी है. |
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