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'बाज़ी' के कार्यकारी अधिकारी की ज़मानत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अश्लील वीडियो मामले में गिरफ़्तार बाज़ी डॉट कॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवनीश बजाज को ज़मानत दे दी है. भारत के एक स्कूली छात्र द्वारा अश्लील वीडियो बनाने के मामले में अमरीकी सरकार भी शामिल हो गई थी. जब इस छात्र ने अपनी मित्र के साथ सेक्स दृश्यों को फिल्माया होगा तो उसे अंदाज़ा नहीं होगा कि इसके परिणाम अंतरराष्ट्रीय स्तर के होंगे. हुआ ये कि मोबाइल फोन पर बना यह अश्लील वीडियो कई लोगों तक पहुंचा और अंतत किसी ने इसे बाजी डॉट कॉम पर बिक्री के लिए डाल दिया. पुलिस हरकत में आई और गिरफ्तारियां हुई. बाजी डॉट कॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवनीश बजाज को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया. अवनीश बजाज भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक हैं और अमरीका ने बजाज के साथ किए गए व्यवहार पर आपत्ति जता दी है. विभिन्न अखबारों में छप रही ख़बरों के अनुसार आपत्ति किसी छोटे मोटे अधिकारी की नहीं बल्कि सीधे दुनिया की सबसे ताकतवर महिला यानी भावी अमरीकी विदेश मंत्री कोडोलिसा राइस की ओर से की गई है. भारत में अमरीकी दूतावास ने पहले ही बयान जारी कर कहा है कि वो इस मामले पर नज़र रखे हुए है. जव बजाज को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया गया था तो अमरीकी दूतावास का एक अधिकारी भी वहां था. इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रिचर्ड बाउचर का कहना था कि अवनीश अमरीकी नागरिक हैं और उनके साथ जो भी किया जा रहा है उससे अमरीकी सरकार चिंतित है. बजाज की कंपनी का कहना है कि जब बजाज इस मामले की जांच में मदद के लिए खुद ही अमरीका से यहां आए तो उन्हें गिरफ्तार करने का मतलब नहीं है. संभवत अमरीका भी इसी से नाराज़ है. ख़बर है कि भारत की साफ्टवेयर लॉबी ने भी बजाज की रिहाई की मांग की है. बजाज पर आरोप है कि उन्होंने अपनी वेबसाइट पर अश्लील सामग्री बेचे जाने को रोकने की पर्याप्त कोशिश नहीं की. आईआईटी के जिस लड़के ने इस अश्लील वीडियो को बिक्री के लिए बाज़ी डॉट कॉम पर डाला था उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वीडियो बनाने वाला लड़का भी पुलिस हिरासत में है लेकिन लड़की से पूछताछ अभी नहीं की गई है. |
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