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'बाज़ी' के मुख्य कार्यकारी को ज़मानत नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली पुलिस ने इंटरनेट साइट बाज़ी डॉटकॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवनीश बजाज की ज़मानत की अर्ज़ी नामंज़ूर कर दी है. उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था और उन पर आरोप है कि उन्होंने दो छात्रों के बीच सेक्स संबंधी वीडियो क्लिप को बाज़ी डॉटकॉम पर बिक्री से रोकने के लिए पर्याप्त क़दम नहीं उठाए. कुछ दिन पहले दिल्ली पब्लिक स्कूल के दो छात्रों के सेक्स की रिकार्डिंग का मामला सामने आया था. इस रिकार्डिंग को किसी ने बाज़ी डॉटकॉम पर बिक्री के लिए डाल दिया. शुक्रवार को उनकी गिरफ़्तारी के बाद अवनीश बजाज को सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. छात्र के वॉरंट दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के उपायुक्त दिवाकर ने बीबीसी को बताया कि आनलाइन पर नीलामी के जरिए चीजों की बिक्री करने वाली साइट बाज़ी डॉटकॉम पर जब यह वीडियो क्लिप आई तो साइट ने इसकी बिक्री रोकने की कोशिश नहीं की. पुलिस ने इससे संबंधित दो छात्रों में से एक के गिरफ़्तारी के वॉरंट हासिल किए हैं. दोनों छात्रों को स्कूल से पहले ही निकाला जा चुका है. भारतीय नियमों के तहत इंटरनेट पर किसी भी प्रकार की अश्लील सामग्री का आदान-प्रदान या बिक्री नहीं की जा सकती है. कंपनी ने पहले कहा था कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि इस वीडियो क्लिप में क्या दिखाया गया था. पुलिस ने इस मामले में एक और छात्र को गिरफ्तार किया है जो आईआईटी में पढ़ता है और जिसपर ये आरोप है कि उसने यह वीडियो क्लिप बाज़ी डॉटकॉम पर बिक्री के लिए डाला. इस विवाद में फंसी छात्रा को गिरफ़्तार नहीं किया गया है और वह दिल्ली से बाहर चली गई है लेकिन पुलिस का कहना है कि ज़रुरत पड़ी तो उससे भी पूछताछ की जाएगी. |
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