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रिलायंस एनर्जी का निदेशकों से आग्रह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रिलायंस एनर्जी के बोर्ड ने अपने छह निदेशकों से अनुरोध किया है कि वे अपने इस्तीफ़े पर दोबारा विचार करें. मंगलवार को मुंबई में रिलायंस एनर्जी के अध्यक्ष अनिल अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस एनर्जी बोर्ड की बैठक हुई जिसमें ये तय हुआ. 16 सदस्यों वाली बोर्ड की बैठक के बाद जारी किए गए एक बयान में कहा गया,"बोर्ड रिलायंस एनर्जी की मौजूदा मैनेजमेंट में पूरा भरोसा रखता है और हमने ये फ़ैसला किया है कि छह निदेशकों से उनके इस्तीफ़े पर पुनर्विचार के लिए कहा जाए". रिलायंस एनर्जी के छह निदेशकों ने रिलायंस समूह में अंबानी बंधुओं के बीच अधिकार की लड़ाई की ख़बरों के बीच 25 नवंबर को इस्तीफ़ा दे दिया था. साथ ही ये भी तय हुआ कि रिलायंस एनर्जी अपने भविष्य की संभावनाओं पर अपनी मुख्य शेयरधारक कंपनी रिलायंस उद्योग लिमिटेड से परामर्श लेगी. रिलायंस उद्योग लिमिटेड के अध्यक्ष मुकेश अंबानी हैं. रिलायंस एनर्जी दिल्ली और मुंबई को ऊर्जा की आपूर्त करती है और रिलायंस उद्योग लिमिटेड की इसमें अच्छी खासी भागीदारी है. मगर पिछले दिनों रिलायंस समूह में अधिकारों को लेकर जब विवाद की बात उठी तो कंपनी के छह निदेशकों ने इस्तीफ़े दे दिए. ऐसी ख़बरें आई थीं कि ये छहों निदेशक मुकेश अंबानी के खेमे के हैं. ये भी कहा जा रहा था कि निदेशकों ने ये इस्तीफ़े इसलिए दिए ताकि रिलायंस एनर्जी पर मुकेश अंबानी का प्रभाव अधिक हो. रिलायंस उद्योग समूह दुनिया की 200 बड़ी कंपनियों में गिनी जाती है और इसका नकद लाभ 10 हज़ार करोड़ रूपए से भी अधिक है. |
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