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कश्मीर में सैन्य बल में कटौती | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कश्मीर में सैनिकों की संख्या में कटौती की घोषणा की है. पाकिस्तान ने इसे एक सकारात्मक क़दम बताया है. भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में सुधार को देखते हुए उन्होंने यह फ़ैसला किया है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कटौती का स्तर क्या होगा. मनमोहन सिंह ने एक बयान में कहा, "पिछले कुछ महीनों के दौरान जम्मू कश्मीर में तैनात भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने राज्य की सुरक्षा स्थिति में सुधार लाने में सफलता हासिल की है." उन्होंने कहा, "राज्य में स्थिति में सुधार के मद्देनज़र सरकार ने इस बार की सर्दियों में सैनिकों की संख्या में कटौती का फ़ैसला किया है." भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में सफलता को जम्मू कश्मीर में बढ़ी आर्थिक गतिविधियों और वहाँ पहुँचने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी के रूप में देखा जा सकता है. चेतावनी
मनमोहन सिंह ने कहा कि राज्य की जनता में सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है. हालाँकि उन्होंने कहा, "हम सतर्कता में कमी नहीं करने जा रहे. हमें सीमा और नियंत्रण रेखा के उस पार से घुसपैठ के प्रयास जारी रहने, और ट्रेनिंग कैम्प और 'लाँचिंग बेस' के रूप में आतंकवादी ढाँचे मौजूद होने की जानकारी है." सिंह ने कहा कि सैनिकों में कटौती के फ़ैसले की लगातार समीक्षा होती रहेगी. उन्होंने आगाह किया, "यदि घुसपैठ और आतंकवादी हिंसा का स्तर बढ़ता है तो ज़रूरत के हिसाब से वहाँ और सैनिकों की तैनाती की जाएगी." पाकिस्तान ने कश्मीर में भारतीय सैनिकों की संख्या में कटौती की घोषणा का स्वागत किया है. समाचार एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने कहा, "यह एक सही दिशा में उठाया गया क़दम है." ख़ान ने कहा, "इससे तनाव घटेगा और भारत और पाकिस्तान के बीच तमाम विवादों के समाधान के लिए जारी प्रक्रिया के अनुकूल माहौल तैयार हो सकेगा." |
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