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कश्मीर पर मुशर्रफ़ की पेशकश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भारत के साथ कश्मीर मसले पर चल रहे विवाद को हल करने के लिए एक नए फ़ॉर्मूले की पेशकश की है. उन्होंने कहा है कि अगर दोनों देश इस मुद्दे पर बिल्कुल नए सिरे से सोचने के लिए तैयार हो जाएं तो हो सकता है कि कोई हल निकल आए. मुशर्रफ़ का भाषण: मुझे पक्का विश्वास है कि कुछ विकल्प हैं और कोई हल भी होगा. मैं इसे आपकी सोच पर छोड़ता हूँ. पूरे कश्मीर में सात क्षेत्र हैं जिनमें से दो पाकिस्तान में और पाँच भारत में हैं. मेरे विचार में किसी क्षेत्र या फिर सातों क्षेत्रों की पहचान हो, उस क्षेत्र से सेनाएँ हटाई जाएँ और इसकी स्थिति में बदलाव लाया जाए. क्षेत्रों के दर्जे में परिवर्तन का बहुत महत्वपूर्ण अर्थ हो सकता है: आज़ादी एक स्थिति है या फिर संयुक्त नियंत्रण हो सकता है, संयुक्त राष्ट्र की निगरानी हो सकती है, और अगर कोई अन्य विकल्प हो सकते हैं तो क़ानूनी सलाह ली जा सकती है. इसलिए हमें कोई ना कोई समाधान खोजना है. इन्हीं विकल्पों पर समाधान खोजा जा सकता है. मेरा ख़याल है कि अगर इसमें कोई रास्ता नज़र आता है तो भारत और पाकिस्तान दोनों ही देश कह सकेंगे कि हमने कुछ हारा नहीं है और अगर एक पक्ष कुछ हारेगा तो दूसरा पक्ष भी कुछ ना कुछ हारेगा. मेरे विचार में कश्मीरी भी इस समाधान से सहमत होंगे क्योंकि उन्हें कुछ ना कुछ अधिकार मिलेंगे और सैनिक बाहर हो जाएंगे. अब, मैंने यह पेशकश कर दी है. मैं अब से पहले किसी से भी इस तरह से नहीं बोला हूँ. मैं आपसे गुज़ारिश करुँगा कि आप इन विकल्पों पर एक खुली बहस करें. |
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