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ज़ाहिरा अदालत में हाज़िर नहीं हुईं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात के बहुचर्चित बेस्ट बेकरी कांड की प्रमुख गवाह ज़ाहिरा शेख अपने बयान से मुकर जाने के बाद गुरुवार को मुंबई की विशेष अदालत में पेश भी नहीं हुई हैं. ज़ाहिरा को गुरुवार को अदालत में पेश होना था लेकिन वो पेश नहीं हुई. अब ज़ाहिरा के खिलाफ वारंट जारी किया जा सकता है. इससे पहले ज़ाहिरा ने बुधवार को अपना बयान बदल दिया था. ज़ाहिरा ने न केवल अपना बयान बदला बल्कि मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ पर गंभीर आरोप भी लगाए. दबाव ज़ाहिरा का कहना था कि तीस्ता ने उन पर दबाव डालकर उच्चतम न्यायालय में गलत बयान दिलवाया.
इस बारे में पूछे जाने पर तीस्ता ने बीबीसी से कहा, " मुझे बहुत दुख हुआ है ये जानकर. मैने कभी भी ज़ाहिरा पर दबाव नहीं डाला. मैने तो सबके सामने ही ज़ाहिरा से बात की थी." बेस्ट बेकरी का मामला गुजरात में 2002 में हुए दंगों से जुड़ा हुआ है जिसमें 12 लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी. कई दिनों तक मामले का कोई गवाह नहीं मिला लेकिन बाद में ज़ाहिरा ने बयान देकर सभी को आश्चर्यचकित कर डाला. हालांकि पिछले कुछ महीनों में ज़ाहिरा ने चार बार बयान बदले हैं. यह मामला इतना महत्वपूर्ण हो गया था कि मामले की सुनवाई गुजरात से बाहर होने लगी. लेकिन अब ज़ाहिरा के इस रवैये ने पूरे मामले को खटाई में डाल दिया है. |
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