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गुजरात पुलिस की गोलीबारी, एक की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार करने पहुँची गुजरात पुलिस ने एक भीड़ पर गोली चला दी जिससे एक युवक की मौत हो गई. गुजरात के पूर्व गृहमंत्री हरेन पांड्या की हत्या की जाँच के सिलसिले में गुजरात पुलिस के कुछ अधिकारी रविवार को हैदराबाद पहुँचे थे. गुजरात पुलिस इस मामले में एक अभियुक्त मौलाना नसीरुद्दीन को गिरफ़्तार करना चाहती थी. गुजरात पुलिस का कहना है कि कुछ युवकों ने मौलाना नसीरुद्दीन को छुड़ाने की कोशिश की जिन्हें रोकने के लिए गोली चलाई गई जिसमें एक मुस्लिम युवक मारा गया. राज्य में अपनी तरह की यह घटना पुलिस महानिदेशक के दफ़्तर के सामने हुई. मौलाना नसीरुद्दीन रविवार को सीआईडी दफ़्तर में अपनी हाज़िरी देने पहुँचे थे. वहाँ पहले से ही मौजूद गुजरात पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया. गुजरात पुलिस मौलाना नसीरुद्दीन को गिरफ़्तार करने के लिए अहमदाबाद की पोटा अदालत का वारंट लेकर आई थी. मौलाना के समर्थक मौलाना नसीरुद्दीन को गिरफ़्तार किए जाने की ख़बर शहर में फैलने पर उनके बहुत से समर्थक उन्हें छुड़ाने के लिए इकट्ठा हो गए और उन्होंने गुजरात पुलिस की गाड़ी को रोक लिया. उत्तेजित भीड़ ने गुजरात पुलिस के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करते हुए मौलाना नसीरुद्दीन को छुड़ा लिया. जब लोग मौलाना नसीरुद्दीन को लेकर जाने लगे तो अहमदाबाद पुलिस की अपराध शाखा के सहायक आयुक्त नरेंद्र कुमार ने गोली चला दी जिसमें एक युवक मुजाहिद सलीम आज़मी की मौत हो गई. मुजाहिद सलीम के भाई मोहतसिम का कहना था, "जब हमें पता चला कि गुजरात पुलिस ने मौलाना को गिरफ़्तार कर लिया है तो मैंने फ़ोन के ज़रिए अपने सभी हमदर्दों को वहाँ बुला लिया. गुजरात पुलिस की गाड़ी को रोक लिया गया." मोहतसिम ने कहा, "पुलिस वालों ने मौलाना को छोड़ दिया. जब लोग उन्हें लेकर जाने लगे तो गुजरात पुलिस ने पीछे से आकर मौलाना पर गोली चलाने की कोशिश की लेकिन मेरे भाई ने सामने आकर उन्हें बचा लिया." तनाव इस घटना के साथ ही पूरे शहर में तनाव फैल गया. मुजाहिद सलीम का शव जिस अस्पताल में रखा गया वहाँ भी सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए. वे लोग माँग कर रहे थे कि मौलाना नसीरुद्दीन को वापस लाया जाए तभी वे शव को वहाँ से हटाने की इजाज़त देंगे लेकिन तब तक गुजरात पुलिस मौलाना को लेकर हैदराबाद से लेकर निकल चुकी थी.
मौलाना नसीरुद्दीन को हैदराबाद पुलिस ने सात अन्य लोगों के साथ अगस्त में गिरफ़्तार किया था. मौलाना पर चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा से संबंध होने का आरोप था. स्थानीय मुसलमानों के विरोध के बीच मौलाना को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया था. इस बीच गुजरात पुलिस ने उन्हें तीन बार अहमदाबाद ले जाने की नाकाम कोशिश की और आख़िरकार रविवार को वह कामयाब हो गई. गुजरात पुलिस का कहना है कि राज्य के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या की हत्या के आरोप में आंध्र प्रदेश के जिन 18 युवकों को गिरफ़्तार किया गया, मौलाना नसीरुद्दीन उनके धार्मिक गुरू रहे हैं लेकिन मौलाना ने इन आरोपों का खंडन किया है. हैदराबाद के पुलिस आयुक्त आरपी सिंह ने कहा कि अहमदाबाद के पुलिस अधिकारी नरेंद्र कुमार ने चार राउंड गोली चलाई और उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया जा रहा है. इस घटना से आंध्र प्रदेश की कांग्रेस सरकार को भारी शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है और गृह मंत्री जाना रेड्डी ने उच्चाधिकारियों से मामले की छानबीन करके 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा है. |
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