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असम में फिर हिंसा, गृहमंत्री नगालैंड पहुँचे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वोत्तर भारत के राज्य असम में फिर हिंसा की घटनाएँ हुई हैं. रविवार को पश्चिमी असम में चार अलग-अलग जगहों पर विस्फोट हुए जिनमें पाँच लोग मारे गए. पुलिस के अनुसार शनिवार को असम के पड़ोसी राज्य नगालैंड में शनिवार को हुए दो बम धमाकों में घायल हुए आठ और घायलों ने दम तोड़ दिया है. इस तरह शनिवार से लेकर अब तक नगालैंड और असम में हुई हिंसा में कुल 61 लोग मारे जा चुके हैं. पुलिस का कहना है कि रविवार को हुई ताज़ा हिंसा में 36 लोग घायल हो गए हैं. शनिवार की हिंसक घटनाओं में 100 से भी अधिक लोग घायल हुए थे. पुलिस के अनुसार रविवार को बाबूबिल नामक इलाक़े में हुए विस्फोट में चार लोग मारे गए. इसके अलावा बाबूबिल, गोसाईगाँव और ढेकियाजुली में भी बम फटे जिनमें कुछ लोग घायल भी हुए. गृहमंत्री का दौरा
पूर्वोत्तर भारत में हिंसा के बाद स्थिति का जायज़ा लेने के लिए गृहमंत्री शिवराज पाटिल असम के रास्ते होते हुए नगालैंड पहुँच गए हैं. पाटिल ने गोहाटी में असम के मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की और वे नगालैंड के शहर दीमापुर में उन इलाक़ों का दौरा किया जहाँ शनिवार को हुए दो बम धमाकों के कारण 36 लोगों की मौत हो गई है. नगालैंड के मुख्यमंत्री निफ़्यू रियो ने भी घटनास्थल का दौरा किया है और जाँच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है. ख़ुफ़िया अधिकारियों को संदेह है कि नगालैंड और असम, दोनों ही जगहों पर हुए हमलों में बोडो अलगाववादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ़्रंट ऑफ़ बोडोलैंड का हाथ हो सकता है. एनडीएफ़बी असम में बोडो समुदाय के लिए अलग राज्य की माँग करता है और रविवार को इस अलगाववादी संगठन की स्थापना की 18वीं सालगिरह है. ज़िम्मेदारी
अभी तक किसी भी व्यक्ति या संगठन ने नगालैंड और असम में हुई हिंसा की घटनाओं की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. नगालैंड में सरकार और विद्रोहियों के बीच 1997 से युद्धविराम चल रहा है और दोनों पक्षों के बीच कई बार बातचीत हुई है. युद्धविराम के बाद पहली बार नगालैंड में इतने बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है. नगा विद्रोहियों के दोनों गुट एक-दूसरे पर दीमापुर विस्फोट में हाथ होने का आरोप लगा रहे हैं. गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने नगालैंड सरकार को ये भरोसा दिलाया है कि उसे ख़ुफ़िया जानकारियों समेत हरसंभव मदद दी जाएगी ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके. व्यापक निंदा भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नगालैंड और असम में हुई भारी हिंसा की निंदा की है. शिवराज पाटिल ने प्रधानमंत्री को हिंसा के बारे में जानकारी दी है और नगालैंड के मुख्यमंत्री निफ़्यू रियो से भी फ़ोन पर बात कर उन्हें केंद्र से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भी हिंसा की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है. कोफ़ी अन्नान ने एक बयान में कहा है,"किसी भी उद्देश्य या विरोध के नाम पर हिंसा की ऐसी क्रूर और बेतुकी घटनाओं को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता जिसमें मासूम लोगों को निशाना बनाया जा रहा हो". गांधी जयंती के दिन नगालैंड और असम में हिंसा की कई घटनाओं में कम-से-कम 56 लोग मारे गए थे और 100 से भी अधिक लोग घायल हो गए. हिंसा शनिवार को सबसे अधिक लोग हताहत हुए नगालैंड के शहर दीमापुर में जहाँ शनिवार सुबह दो जगहों पर बम विस्फोट होने से 36 लोग मारे गए. बिल्कुल भीड़-भाड़ के समय एक धमाका दीमापुर के रेलवे स्टेशन पर हुआ जबकि दूसरा धमाका एक स्थानीय बाज़ार में हुआ. शनिवार को ही नगालैंड में हिंसा के बाद पूर्वोत्तर भारत के एक और राज्य असम में भी हिंसा की कई घटनाएँ हुईं. असम के धुबरी ज़िले के मरकीझारा में तीन ग्रामीण बाज़ारों में हमलावरों की अंधाधुंध गोलीबारी में 20 लोग मारे गए. असम के ही कोकराझार में हुए धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात घायल हो गए. |
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