| आतंकवाद से लड़ेंगे भारत और अमरीका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मुलाक़ात की है. मनमोहन सिंह संयुक्त राष्ट्र की महासभा के वार्षिक सत्र में भाग लेने के लिए अमरीका पहुँचे हैं. अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से उनकी मुलाक़ात व्हाइट हाउस में नाश्ते पर हुई. मंगलवार को ही प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान और अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से मिलेंगे. उन्हें 23 सितंबर को महासभा को संबोधित करना है और 24 सितंबर को वे पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मिलेंगे. समझा जाता है कि मनमोहन सिंह संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में सुरक्षा परिषद की सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी की हिमायत करेंगे. इससे पहले ब्रिटेन सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थाई सदस्यता दिए जाने के दावे का समर्थन किया. मनमोहन सिंह ब्रिटेन के रास्ते होते हुए अमरीका गए और लंदन में सोमवार को उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से मुलाक़ात की थी. इराक़ पर चर्चा संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक मंगलवार से शुरू हो रही है और समझा जाता है कि शुरू से ही इसमें इराक़ का मुद्दा छाया रहेगा.
सबसे पहले जिन नेताओं को भाषण देना है उनमें अमरीकी राष्ट्रपति बुश भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने मध्य पूर्व के देशों में लोकतंत्र के संबंध में अपनी नीति के बचाव के लिए अच्छी तैयारी कर रखी है. माना जा रहा है कि महासभा में वे अन्य देशों से भी अपील करेंगे ताकि इराक़ में अगले वर्ष जनवरी में चुनाव करवाए जा सकें. ये भी समझा जा रहा है कि महासभा के सत्र की शुरूआत करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान भी इराक़ पर हमले की वैधता का मुद्दा उठाएँगे. उनके वरिष्ठ सलाहकारों का कहना है कि वे अपने भाषण में अंतरराष्ट्रीय मामलों के लिए अंतरराष्ट्रीय क़ानून के महत्व पर ज़ोर दे सकते हैं. मनमोहन-ब्लेयर वार्ता
इससे पहले भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों के बीच सोमवार को लंदन में हुई मुलाक़ात के बाद जारी किए गए साझा बयान में दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की वचनबद्धता जताई गई. प्रधानमंत्री ब्लेयर का कहना था कि भारत एक अरब से ज़्यादा लोगों का देश है और भारत का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में न होना इस युग की वास्तविकता नहीं दर्शाता. उन्होंने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं कि हर साल भारत का स्थाई सदस्य बनाए जाने का दावा और मज़बूत हो रहा है. टोनी ब्लेयर ने भारतीय कश्मीर में जारी 'आतंकवादी हिंसा' की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि आतंकवाद की रोकथाम के लिए ब्रिटेन और भारत मिल-जुलकर काम करेंगे. पाकिस्तान के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया के प्रति भारत की पूरी प्रतिबद्धता है. |
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