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विदेश मंत्रियों के बीच खुलकर बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की वार्ता में बेहतर रिश्तों में अड़चन बने विवादास्पद मुद्दों पर खुलकर बात हुई है और लगता है कि दोनो पक्षों ने इन मुद्दों पर व्यावहारिक रुख़ अपनाया है. फ़िलहाल कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया और उम्मीद है कि ये बुधवार को किया जाएगा. चाहे ऐसा माहौल न बना हो जिससे दोनो पक्ष बड़ी कामयाबी का दावा करें लेकिन ये स्पष्ट है कि बातचीत टूटी नहीं है और दिसंबर में अगले चरण की वार्ता होगी. दोनो पक्षों ने वार्ता पर संतोष जताते हुए कहा है कि बातचीत आगे बढ़ी है और कुछ प्रगति हुई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद क़सूरी ने भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह को पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया और नटवर सिंह ने इसे स्वीकार कर लिया है. फ़िलहाल ये नहीं बताया गया है कि नटवर सिंह पाकिस्तान कब जाएँगे. संघर्षविराम जारी रहेगा पाकिस्तानी सूत्रों से पता चला है कि सियाचिन में सैनिकों की संख्या में कटौती करने और पाकिस्तान से होते हुए भारत तक तेल पाइपलाइन बिछाने के प्रस्ताव रद्द नहीं हुए हैं. जहाँ सूत्र बताते हैं कि सियाचिन के मुद्दे पर आगे विचार हो सकता है वहीं तेल पाइपलाइल के विषय में औपचारिक तौर पर कहा गया है कि दोनो देशों के मंत्री इस बारे में बातचीत करेंगे. दो दिन चली वार्ता में दोनो पक्षों ने अपनी चिंताएँ स्पष्ट रूप से एक दूसरे के सामने रखी हैं. जहाँ भारत ने सीमापार से घुसपैठ की खुलकर बात की है वहीं पाकिस्तान ने दोहराया है कि भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में कश्मीर केंद्रीय मुद्दा है. कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर दोनो पक्षों ने नवंबर 2003 से चल रहे संघर्षविराम को जारी रखने का फ़ैसला किया है. मुनाबाओ-कोकरापार रेल लाइन पर दोनो देशों की तकनीकी विषयों पर बातचीत अक्तूबर-नवंबर में होगी. दोनो देशों ने आपसी विश्वास बढ़ाने की दिशा में कई विषयों पर सहमति जताई है और इसके लिए अधिकारियों की छह चरणों की बातचीत होगी. रविवार को पहले दिन की बातचीत में कश्मीर और सीमापार से घुसपैठ के मुद्दे छाए रहे थे. विदेशमंत्री स्तर की ये बातचीत शनिवार को हुई सचिव स्तर की बातचीत के बाद हुई. |
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