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उमा के मामले का फ़ैसला सोमवार को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के ख़िलाफ़ लगे आरोपों को वापस लेने के मामले का फ़ैसला सोमवार तक टाल दिया गया है. शनिवार को कर्नाटक सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने इस मामले में अपनी राय अदालत के सामने रख दी है. इस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने हुबली में बुधवार को अपना सत्याग्रह आंदोलन जारी रखा है और शनिवार को झारखंड के भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और बाबूलाल मरांडी ने गिरफ़्तारी दी. हुबली में कर्फ्यू का उल्लंघन करने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के दस साल पुराने मामले में ग़ैर ज़मानती वारंट जारी होने के बाद उमा भारती ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके बाद उन्होंने गिरफ़्तारी दी थी और अदालत ने उन्हें 7 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. कर्नाटक सरकार ने सोमवार को हाईकोर्ट में कहा था कि दस वर्ष पहले हुबली में उत्तेजक भाषण देने के मामले में उमा भारती के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोप वापस लेना चाहती है. इसके बाद इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होनी थी लेकिन वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई शनिवार तक टाल दी गई थी. संभावना है कि इस मामले में सोमवार को अदालत अपना फ़ैसला सुनाएगी. उमा भारती की न्यायिक हिरासत की अवधि मंगलवार को समाप्त हो रही है. उधर भाजपा ने इस मामले में बंगलौर में अपना आंदोलन जारी रखा है और भाजपा के नेता हर दिन गिरफ़्तारी दे रहे हैं. यह सिलसिला पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने शुरु किया था जब पहली सितंबर को उन्होंने गिरफ़्तारी दी थी. शनिवार को इस क्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और बाबूलाल मरांडी ने गिरफ़्तारी दी. बंगलौर से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लालकृष्ण आडवाणी के प्रदर्शन-गिरफ़्तारी के दिन तो लोगों की भीड़ थी लेकिन अब कुछ सौ लोग ही भाजपा के इस आंदोलन में आ रहे हैं. |
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