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नेपाली सेना में महिलाओं की भर्ती | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में सेना में पहली बार महिलाओं को भर्ती किया गया है, अठारह से इक्सीस वर्ष उम्र की इन महिलाओं में जोश भी है और देश की रक्षा करने का ज़ज़्बा भी. इन्हें छह महीने के प्रशिक्षण के बाद अब तैनात किया जा रहा है जिससे वे काफ़ी ख़ुश हैं. पहले दौर में 197 और दूसरे दौर में 251 महिलाओं ने अपना प्रशिक्षण पूरा कर लिया है. इन महिला सैनिकों को चेक नाकों, कंप्यूटर केंद्रों पर तैनात किया जाएगा, कुछ महिलाओं को फौज में क्लर्क की नौकरी दी जाएगी. इनमें से कुछ महिला सैनिकों को बाद में उनकी क़ाबिलियत के आधार पर मोर्चों पर भी तैनात किया जाएगा. सेना के वर्दी पहनकर ख़ुश दिख रहीं शर्मिला नेगी ने कहा, "मेरे पिता हमेशा चाहते थे कि उनके बेटे फौज में जाएँ, मेरे भाइयों की तबीयत ठीक नहीं रहती थी इसलिए मैंने ख़ुद ही फौज में भर्ती होने का फ़ैसला कर लिया." इन महिलाओं में से कई सैनिकों की विधवाएँ हैं और कुछ उनकी बेटियाँ भी, सेना का कहना है कि ऐसा करने से उनके रोज़गार और सुरक्षा दोनों मिल सकेगी. अवसर नेपाल में माओवादियों के साथ लंबे समय से चल रहे ज़ोरदार संघर्ष की वजह से सरकार अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रही है और बड़ी संख्या में सैनिक मारे भी गए हैं.
नेपाल के महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस क़दम का स्वागत किया है और कहा है कि हर क्षेत्र में महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. महिला सैनिक नमिता भंडारी ने कहा, "मैं राजा, देश और जनता की सेवा करना चाहती हूँ, और साबित करना चाहती हूँ कि औरतें भी मर्दों की तरह हर काम कर सकती हैं." इन महिला सैनिकों को हथियार चलाने, शारीरिक क्षमता बढ़ाने और लड़ाई के मैदान के बारे में पूरा प्रशिक्षण दिया गया है. जब पहली बार महिला सैनिकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन आया तो लगभग दो हज़ार महिलाओं ने आवेदन किया. नमिता भंडारी कहती हैं, "मेरा परिवार बहुत खुश है कि लड़की होते हुए भी मैंने सेना में प्रवेश किया." इन महिला सैनिकों का कहना है कि वे भी पुरुषों की ही तरह पूरी मुस्तैदी से हर तरह की ड्यूटी करना चाहती हैं, नेपाल की सेना का भी कहना है कि वे महिला सैनिकों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं. |
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