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नेपाल में माओवादियों का ताज़ा हमला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिमोत्तर नेपाल के ज़िला मुख्यालय खालंगा में माओवादी विद्रोहियों ने हमला करके एक सैनिक की हत्या कर दी है और छह पुलिसकर्मियों का अपहरण कर लिया है. एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि विद्रोहियों ने एक हवाई अड्डे पर सरकारी कार्यालयों पर भी बम से हमला किया. विद्रोहियों की सुरक्षा बलों के साथ क़रीब छह घंटों तक लड़ाई चली. माओवादी विद्रोहियों ने पिछले चार दिनों से राजधानी काठमांडू का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से काट दिया है. उनकी माँग है कि उनके साथियों को सरकार रिहा करे. इस बीच पशुपति मिल्स, सूर्या नेपाल और अन्य कई कंपनियाँ बंद पड़ी हैं. देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन का कहना है कि जब तक सरकार माओवादी विद्रोहियों से बात नहीं करती वे बंद जारी रखेंगे. उनका कहना है कि सरकार के आश्वासन के बावजूद उन्हें सुरक्षा को लेकर बहुत चिंता है. इस बीच नेपाल के कुछ वरिष्ठ नेताओं की भारत यात्रा से यह भी अटकलें लगाई जा रहीं हैं कि शायद भारत इस मामले में दख़ल दे. ख़बर यह भी है कि दिल्ली में इस मामले पर कैबिनेट की बैठक भी हुई है. नेपाली राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक पार्टी के नेता पशुपति राणा दिल्ली दौरे से लौट आए हैं. लेकिन कन्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल के महासचिव माधव नेपाल अभी दिल्ली में ही हैं. भारत पर यह आरोप लगता रहा है कि वह नेपाल के माओवादी विद्रोहियों को समर्थन देता है. लेकिन हाल के दिनों में अमरीका और ब्रिटेन की वहाँ बढ़ती रुचि को लेकर भी भारत चिंतित है और वह नहीं चाहता कि अमरीका किसी भी रूप में नेपाल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराए. इसलिए माना जा रहा है कि शायद भारत सरकार इस मामले में दख़ल देने पर गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है. |
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