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नेपाल में आमतौर पर शांति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल की राजधानी काठमांडू में संदिग्ध माओवादी छापामारों ने एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी है. इसके अलावा आमतौर पर शांति बनी हुई है. शहर में बुधवार से शुरू हुए बंद और रास्ता रोकने के अभियान के तहत ये पहली राजनीतिक हत्या है. इस बीच सरकार ने कहा है कि वह माओवादियों की एक राजनीतिक माँग पूरा करेगी. ये माँग है हिरासत में रखे गए माओवादी विद्रोहियों का पता ठिकाना सार्वजनिक करना. मोटरसाइकिल पर सवार दो हमलावरों ने पुलिसकर्मी को निशाना बनाया और दो गोलियाँ उनके सीने में जा लगीं. इसके तुरंत ही बाद में उनकी मौत हो गई. ये माओवादी विद्रोहियों की कार्रवाई को ही दिखाता है जिन्होंने पिछले चार दिनों से काठमांडू में घेरा डाल रखा है. सरकार ने भी माओवादियों की माँग मानने की कोशिश में कहा कि वे एक महीने के भीतर बताएँगे कि जिन माओवादी यूनियन और छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया है वे कहाँ रखे गए हैं. मगर सूचना मंत्री ने इस बात से इनकार किया है कि सरकार माओवादियों की माँगों के आगे किसी भी तरह झुक रही है. उनका कहना था कि सरकार विद्रोहियों से बातचीत के लिए तैयार है और उन लोगों को भी यही रवैया रखना चाहिए. इस बीच संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी कुल चंद्र गौतम ने दोनों पक्षों से कहा है कि वे मसला सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मदद लें. उन्होंने ये भी कहा कि अगर दोनों पक्ष राज़ी हों तो संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ख़ुद इस मामले में मदद के लिए तैयार हैं. |
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