|
तस्लीमुद्दीन के मामले पर संसद में हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में केंद्रीय मंत्री मोहम्मद तस्लीमुद्दीन के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा और उन्हें तत्काल बर्ख़ास्त करने की माँग भी की. केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री मोहम्मद तस्लीमुद्दीन के विरुद्ध लगे हत्या के प्रयास का मामला बिहार सरकार की ओर से वापस लेने के इस मसले पर विपक्ष ने राज्यसभा से वॉक आउट किया. लोकसभा में प्रश्नकाल की समाप्ति के बाद भारतीय जनता पार्टी नेता सुशील कुमार मोदी ने ये मसला उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए राजनीतिक दलों के लिए आचार संहिता की बात कही मगर आपराधिक छवि वाले नेता उनकी ही सरकार में हैं. वहीं राज्यसभा में जब विपक्ष को ये मसला उठाने की अनुमति नहीं मिली तो उसने वॉक आउट किया. प्रश्नकाल के बाद भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने मामला उठाने की कोशिश की मगर सभापति भैरोंसिंह शेखावत ने इससे इनकार कर दिया. विरोधस्वरूप भाजपा के सदस्य सदन से उठकर चले गए. बहिष्कार समाप्त इस बीच भाजपा ने लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के बारे में की गई टिप्पणी वापस ले ली और इसके जवाब में रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने जो उसकी निंदा वाला बयान दिया था वो भी वापस ले लिया. सत्र के पहले चरण में भाजपा संसदीय दल के उपनेता विजय कुमार मल्होत्रा ने अध्यक्ष के बारे में टिप्पणी की थी जिसके बाद रक्षा मंत्री ने विपक्ष के आचरण की निंदा करते हुए बयान दिया. इस बयान के बाद राजग ने नाराज़गी दिखाते हुए संसदीय समितियों के बहिष्कार की घोषणा की थी. बाद में प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद तय हुआ था कि दोनों पक्ष अपने बयान वापस ले लेंगे. इस तरह ये बहिष्कार अब समाप्त हो गया है. राजग की बैठक इससे पहले विपक्षी राजग नेताओं की सोमवार सुबह बैठक हुई जिसमें रणनीति पर विचार किया गया. इसके बाद संवाददाताओं से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी नेता सुषमा स्वराज ने बताया कि बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय उपभोक्ता राज्य मंत्री मोहम्मद तस्लीमुद्दीन का मसला उठाया जाएगा. साथ ही राजग ने प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह से मणिपुर में शांति बहाली के लिए पहल करने का भी अनुरोध किया. इस बारे में सुषमा स्वराज ने बताया कि मणिपुर में सुरक्षा बल विशेषाधिकार क़ानून हटाने को लेकर हो रहे आंदोलन पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. राजग की सुबह हुई बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता जसवंत सिंह और राजग संयोजक जॉर्ज फ़र्नांडिस के साथ ही अन्य कई प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||