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बुधवार, 21 जुलाई, 2004 को 20:25 GMT तक के समाचार
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संसद में बजट पर चर्चा हुई

संसद
संसद में सोमवार को वित्त मंत्री ने बजट पर बहस का जवाब दिया
संसद में बुधवार को बजट को लेकर चर्चा हुई. मौसम विभाग ने मॉनसून के मामले में अब तक इंतज़ार करने की नीति अपना रखी थी यानि 'देखते रहिए शायद बारिश हो जाए' लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोकसभा में दिए एक बयान में कहा है कि मौसम विभाग ने देश को जिन छत्तीस हिस्सों में बाँटा है उनमें से 16 में वर्षा औसत से कम हुई है.

प्रधानमंत्री ने कहा, " आंध्र प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा एवं पंजाब में कम बारिश हुई है. मैंने कृषि मंत्रालय में इन राज्यों के प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे इन राज्यों का दौरा करें और वास्तविक स्थिति का पता लगाएँ. वे इन राज्यों के अधिकारियों से बात करेंगे कि आपातकालीन स्थिति में फसलों को बचाने के लिए क्या किया जा सकता है. ये अधिकारी अन्य बारीक़ियों की जानकारी लेकर भी आएंगे."

कुल मिला कर जून के महीने में सामान्य से 10 प्रतिशत कम वर्षा हुई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि मंत्रालय ने इस पर कड़ी नज़र रखी है और आंध्र प्रदेश, राजस्थान , महाराष्ट्र, हरियाणा के साथ ही पंजाब में अधिकारियों ने सूखे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए की गई तैयारी की समीक्षा भी की है.

उधर वित्त मंत्रालय का मानना है कि ये आशंकाएँ ग़लत साबित होंगी. ख़ुद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बजट पर बहस के दौरान अपने उत्तर में निवेश की ख़ूबियाँ गिनाईं.

पिछले कुछ वर्षों में भारत के लिए चीन सबसे अच्छा उदाहरण रहा है और इस बार भी वित्त मंत्री ने चीन का उदाहरण दिया.

वित्त मंत्री ने कहा, “यदि बढ़त दर और निवेश दर को देखा जाए तो मेरा ख्याल है कि चीन और भारत के बीच छह-सात साल का फ़ासला है, लेकिन मुझे डर है कि अगर हमने चीन से सबक नहीं सीखा तो ये फासला और भी बढ़ सकता है और हम पिछड़ सकते हैं."

वित्त मंत्री ने कहा कि इस बार के चुनावी परिणाम के पीछे जो संदेश है, उसके कई आयाम हैं और उसमें सुधार प्रक्रिया को फिर से देखने की ज़रूरत है. इसमें उन लोगों को साथ लेना होगा जो कि अब तक पीछे रहे हैं.

न्यूनतम साझा कार्यक्रम को चिंदबरम ने अगले पाँच साल के लिए रोड-मैप बताया और बहस के दौरान उठाए कई बिंदुओं पर चर्चा की.

वित्तमंत्री ने शेयर बाज़ार को प्रभावित करने वाले 'ट्रांजेक्शन टैक्स' या शेयर की ब्रिकी पर लगने वाले कर को 0.15 प्रतिशत से कम करके 0.10 प्रतिशत करने की घोषणा की.

विदेशी निवेश के प्रश्न पर चिदंबरम ने कहा कि राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए उसके संदर्भ में फैसले लिए जाएंगे.

सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामदलों के सांसदों ने भी वित्त विधेयक के कई बिंदुओं पर कड़ी टिप्पणी की थी. लेकिन वित्तमंत्री ने कहा कि उन्हें वामदल के सांसदों के साथ काम करने में बहुत आनंद आता है.

बहरहाल, भाजपा सांसदों से उनकी बहस के बाद सदन में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया.

भाजपा का कहना था कि वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने राजीव गांधी मिशन पर से धूल हटाने की बात की तो वे दीनदयाल उपाध्याय जैसे भाजपा प्रेरणास्रोतों की तरफ इशारा कर रहे थे.

वित्त मंत्री ने आरोप से सीधे इंकार कर दिया लेकिन भाजपा सांसद सदन छोड़कर चले गए और वित्त मंत्री का पूरा जवाब नहीं सुना.

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