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गतिरोध ख़त्म करने का राजग का फ़ैसला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने संसद में चल रहे गतिरोध को ख़त्म करते हुए अब कार्यवाही ठप नहीं करने का फ़ैसला किया है. मगर रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के बजट भाषण के बहिष्कार का फ़ैसला बरक़रार रखा गया. राजग सरकार में अपराधी छवि वाले मंत्रियों को शामिल किए जाने को लेकर लगातार हंगामा कर रहा था. यही वजह थी कि संसद का पिछला सत्र भी सुचारु रूप से नहीं चल सका और बजट सत्र के पहले ही दिन सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. राजग सांसदों की विशेष बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टियों और राष्ट्रीय जनता दल ने तो वाजपेयी सरकार के छह साल लंबे कार्यकाल के दौरान कई बार संसद की कार्यवाही ठप की मगर राजग संसद की सुचारु कार्यवाही में यक़ीन रखता है. बयान में कहा गया है कि राजग अपना कर्तव्य समझादारी से निभाएगा. दूसरी तरह से विरोध विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने बैठक के बाद कहा, "ये महसूस किया गया कि कार्यवाही चलने दी जाए और महत्त्वपूर्ण मसलों पर चर्चा होनी चाहिए. इस तरह का विरोध आज समाप्त हो जाएगा." आडवाणी का कहना था कि अब दूसरे तरह से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और ख़ुद उनसे की गई अपील के बाद ये फ़ैसला किया गया है. मगर ये भी निर्णय हुआ कि अपराधी छवि वाले मंत्रियों को लेकर संसद के भीतर और बाहर विरोध जारी रहेगा और ऐसा तब तक होता रहेगा जब तक उनकी माँगें मान नहीं ली जातीं. आडवाणी ने कहा कि राजग रेल बजट पेश होने का तो बहिष्कार करेगा मगर उस पर होने वाली चर्चा में हिस्सा लेगा. बैठक में राजग अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी के अलावा, संयोजक जॉर्ज फ़र्नांडिस, भाजपा अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए. राजग के सभी घटक दलों ने इसमें हिस्सा लिया. |
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