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हुर्रियत को सरकार की शर्त नामंज़ूर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार और कश्मीरी पृथकतावादी नेताओं के बीच बातचीत खटाई में पड़ती नज़र आ रही है. भारत के गृहराज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा है कि हुर्रियत कान्फ्रेंस के नेताओं से कोई भी बातचीत भारतीय संविधान के दायरे में ही की जाएगी. भारतीय संविधान के अनुसार कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है लेकिन हुर्रियत कान्फ्रेंस इस दायरे से बाहर रहकर ही कोई बातचीत करना चाहती है. देश की पूर्ववर्ती राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने हुर्रियत कान्फ्रेंस के उदारवादी माने जाने वाले अंसारी धड़े से पिछले साल बातचीत शुरू की थी और बातचीत के दो दौर हो भी चुके हैं. गृहराज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने मंगलवार को श्रीनगर में पत्रकारों के सामने कहा कि हुर्रियत कान्फ्रेंस से कोई भी बातचीत भारतीय संविधान के दायरे से बाहर होने की बहुत कम संभावना है.
उन्होंने कहा, "मैं नहीं समझता कि भारत के किसी गृहमंत्री ने ऐसा कहा होगा कि कोई बातचीत भारतीय संविधान के दायरे से बाहर जाकर भी हो सकती है. बातचीत सिर्फ़ संविधान के दायरे में ही हो सकती है." इससे पहले गृहमंत्री शिवराज पाटिल भी रविवार को कह चुके हैं कि बातचीत संविधान के दायरे में ही की जा सकती है. हुर्रियत कान्फ्रेंस के उमर फ़ारूक़ की अध्यक्षता वाले उदारवादी धड़े ने कहा है, "सशर्त बातचीत को स्वीकार नहीं किया जा सकता." इनकार हुर्रियत कान्फ्रेंस के सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया, "इससे पहली सरकार के साथ बातचीत बिना किसी शर्त के हो रही थीं. नई सरकार ने बातचीत के लिए शर्तें रख दी हैं जिससे दोनों पक्षों के बीच बातचीत की भावना ही समाप्त हो गई है." जायसवाल ने इस पर सहमति जताई कि भारत सरकार और हुर्रियत कान्फ्रेंस के बीच बातचीत टूट चुकी है लेकिन इसके लिए उन्होंने संगठन के अंदरूनी मतभेदों को ज़िम्मेदार बताया. "बातचीत का टूटना कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार की नाकामी नहीं है. यह हुर्रियत कान्फ्रेंस की अंदरूनी गुटबाज़ी की वजह से हुआ है. उचित माहौल होने पर बातचीत फिर से शुरू हो जाएगी."
जायसवाल ने कहा, "हम बातचीत के लिए तैयार हैं बशर्ते कि कोई मज़बूत पक्ष आगे आए. लेकिन पूर्व शर्त बरक़रार है कि बातचीत भारतीय संविधान के दायरे में ही होगी." समीक्षा गृहराज्य मंत्री ने जम्मू कश्मीर के सुरक्षा हालात का जायज़ा भी लिया और इस बैठक में सेना, अर्ध सैनिक बलों और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) के शिविर में हाल ही में हुए हमले के बाद से बल की कार्यशैली की समीक्षा की जा रही है. पिछले सप्ताह सीआरपीएफ़ पर दो हमलों में कम से कम 14 जवानों की मौत हो गई. जायसवाल ने कहा कि हालाँकि पाकिस्तान कश्मीर में चरमपंथी गतिविधियों को रोकने में पूरी मदद नहीं कर रहा है, फिर भी दोनों देशों के बीच बातचीत उत्साहवर्धक माहौल मे हो रही है. उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहना यह दिखाता है कि पाकिस्तान भारत के साथ अच्छे संबंध बनाना चाहता है." |
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