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वार्ता से कश्मीर में नई उम्मीदें
कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने कहा है कि सभी तरह की हिंसा का अंत होना चाहिए. हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष मौलवी अब्बास अंसारी ने दिल्ली में भारत के उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से मुलाक़ात के बाद ये बात कही है. हुर्रियत की तरफ़ से पाँच नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए दिल्ली आया था. उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने कहा है कि हुर्रियत नेताओं की शुक्रवार को भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाक़ात हो सकती है. पिछले 15 वर्षों में भारत सरकार के साथ शीर्ष स्तर पर हुर्रियत की यह पहली सीधी और औपचारिक बातचीत थी. लगभग ढाई घंटे की बातचीत के बाद अब्बास अंसारी ने कहा कि मार्च में फिर दूसरे दौर की बातचीत होगी. उन्होंने ये भी कहा कि हुर्रियत बातचीत का दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. महत्वपूर्ण बातचीत भारत और पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबंधों में हाल के दिनों में हुए सुधार को देखते हुए इस बातचीत को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ग़ौरतलब है कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस पिछले साल दो गुटों में बँट गई थी और अब्बास अंसारी के नेतृत्व वाले गुट को बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है. मौलाना अब्बास अंसारी के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल में हुर्रियत कान्फ्रेंस के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल ग़नी बट और मीर वाइज़ उमर फ़ारूक़ भी शामिल हैं. दूसरा गुट सैयद अली शाह गीलानी के नेतृत्व वाला है. गीलानी को कुछ कट्टरपंथी माना जाता है. |
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