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सेना पहुँचाएगी गाँवों तक बिजली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू-कश्मीर में लोगों का विश्वास जीतने के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सद्भावना चला रखा है और इसी के तहत दूर-दराज़ के गाँवों में छोटी पन-बिजली परियोजनाएँ शुरू की जा रही हैं. इस परियोजना में अगले साल राज्य के लगभग एक हज़ार गाँवों तक बिजली पहुँचाने की योजना है. सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ये परियोजनाएँ आठ गाँवों में तो शुरू भी की जा चुकी हैं. लेफ्टिनेंट जनरल हरि प्रसाद ने पत्रकारों को श्रीनगर में बताया कि सेना इस अभियान के तहत हर व्यक्ति तक एक बल्ब पहुँचाने के लक्ष्य पर काम करेगी. हर परियोजना पर लगभग एक लाख रुपए का ख़र्च आएगा. अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना में प्रशिक्षित कर्मचारियों की ज़रूरत नहीं होगी और गाँव वाले ख़ुद ही इसकी देखभाल कर सकेंगे. इसके अलावा एक बार जब गाँव में परियोजना चल गई तो गाँव वालों को बिजली का कोई ख़र्च भी नहीं देना होगा. सचल चिकित्सा दल इसी अभियान के तहत सेना ने दूर-दराज़ के गाँवों तक जल्दी से जल्दी चिकित्सा सुविधा पहुँचाने के लिए छह सचल चिकित्सा दल भी बनाए हैं. हर दल में एक डॉक्टर और उसका एक सहायक होगा जिनके पास एक गाड़ी होगी. राज्य के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने इन दलों को झंडी दिखाकर रवाना किया. सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए चलाए जा रहे इस कार्यक्रम का ख़र्च राज्य सरकार उठाएगी जबकि दवाओं और गाड़ियों का ख़र्च सेना उठाएगी. |
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